


भाजपा शासित राज्य के ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर ने कहा कि राजस्थान में बिजली संकट पूर्व कांग्रेस सरकार की देन है, अशोक गहलोत की सरकार ने कोई बिजली उत्पादन नहीं किया। उन्होंने सर्दी के दिनों में जो बिजली उधार ली थी उसको हमारी सरकार रोजाना 900 लाख यूनिट के रूप में चुका रही है।
नागर ने कहा कि अब बिजली की कमी को दूर करने और प्रदेश को बिजली खरीदने वाले के बजाय नंबर एक बिजली बेचने वाला प्रदेश बनाने के लिए रास्ते साफ कर लिए है। 225 लाख करोड़ के काम विभाग में होंगे। इनमें 160 लाख करोड़ रुपए के तो एमओयू हो चुके है इसमें नए सयंत्र लगेंगे, 32 हजार मेगावाट के नए प्लांट लगेंगा।
राज्य के ऊर्जा हीरालाल नागर ने टोंक जिले के मांडकला में धाकड़ समाज के आराध्य देव भगवान धरणीधरण की मूर्ति स्थापना की प्रथम वर्षगांठ के अन्तर्गत आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि राजस्थान तीन साल बाद बिजली खरीदने वाले के बजाय बिजली बेचने में देश में नंबर वन बनेंगे आज प्रदेश में 75 प्रतिशत बिजली का उत्पादनहा हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने सर्दी में बिजली उत्पादन वाली कंपनी से ऐसा एमओयू कर लिया, जिसमें गर्मी के सीजन में वापस बिजली चुकाना था जबकि गर्मी में तो बिजली की ज्यादा जरूरत रहती है।
गहलोत के गलत फैसले से जनता पर बिजली संकट बना हैं ,फिर भी हम 20 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीद करके लोगों को ज्यादा से ज्यादा बिजली दे रहे है। उन्होंने कहा कि पूर्व गहलोत सरकार में प्रदेश में 65 प्रतिशत बिजली का उत्पादन होता था, अब हमने उसको 75 प्रतिशत कर रहे है।ऊर्जा मंत्री नागर ने मांडकला में 33 केबी जीएसएस खोलने की घोषणा की।
उन्होंने धाकड़ समाज के धार्मिक कार्यक्रम में कहा कि समाज के विकास के लिए बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा दे साथ ही मृत्यु भोज बंद करे। उन्होंने कहा कि अब समाज को आगे बढ़ने के लिए शिक्षा के महत्व को समझना होगा तथा कुरुतियों को त्यागना होगा।