


प्रदेश में बढ़ती गर्मी और इन दिनों डेंगू-मलेरिया के मामले सामान्य से ज्यादा आ रहे हैं। इसे देखते हुए चिकित्सा की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को बीकानेर एरिया में टीम भेजने और वहां डेंगू-मलेरिया से बचने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में अब तक कुल 893 से ज्यादा मामले डेंगू के, जबकि 188 से ज्यादा केस मलेरिया के आ चुके हैं। ऐसा तब है जब प्रदेश में तेज गर्मी पड़ रही है। अमूमन अक्टूबर-नवंबर में बारिश के बाद डेंगू-मलेरिया के मच्छर ज्यादा होते हैं और मरीज भी ज्यादा आते है। इसे देखते हुए चिकित्सा विभाग भी हैरान है कि आखिरी इतनी संख्या में डेंगू-मलेरिया के मामले क्यों आ रहे है ?
अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने सोमवार को चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बीकानेर क्षेत्र में इस सीजन में सर्वाधिक डेंगू के मामले सामनेआए है। यहां करीब 200 डेंगू के मामले अब तक सामने आ चुके हैं।
स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से बीकानेर एरिया में बढ़ते मामलों को देखते हुए बीकानेर सीएमएचओ और अन्य फील्ड स्टाफ को इससे बचाव के उपाय करने के लिए कहा, लेकिन उनका ये प्रयास कोई प्रभावी नहीं रहा।
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि बीकानेर जोन की राज्य स्तर से नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही राज्य स्तर की टीम ने भी वहां दौरा कर मौसमी बीमारियों से बचाव संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों में सुधार के लिए बीकानेर के संयुक्त निदेशक जोन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिले में डेंगू प्रभावित इलाकों की विजिट कर सभी आवश्यक कदम उठाने एवं अन्तर्विभागीय प्रकरणों का जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में होने वाली साप्ताहिक बैठक में निस्तारण करने एवं नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. माथुर ने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम हेतु की जा रही गतिविधियों में सुधार के लिए फील्ड स्टाफ का प्रशिक्षण करवाने के निर्देश प्रदान किए गए हैं। साथ ही, डेंगू पॉजिटिव केसों के संबंध में निरन्तर फीडबैक लेने, मेडिकल कॉलेज एवं अन्य जांच केन्द्रों से प्रतिदिन डेंगू रोगियों की पूरी सूचना प्राप्त करने तथा नियमित रूप से इनकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि हमने बीकानेर जोन एरिया में तैनात फील्ड स्टाफ को ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए है, ताकि वे डोर टू डोर व अन्य जगह जाकर एंटी लार्वा का छिड़काव कर सके और आमजन को जागरूक कर सकें।