


कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पूर्व राज्यपाल और स्वतंत्रता सेनानी कमला बेनीवाल का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार नहीं करके इस सरकार ने राजनीतिक रूप से अपरिपक्वता का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व राज्यपाल को जो सम्मान देना था ,वह सरकार को निर्णय करना था, मैंने सरकार को समय रहते अवगत करवा दिया। सरकार में मुख्यमंत्री अगर जा रहे हैं। पुष्पांजलि अर्पित कर रहे हैं तो क्या उनको इतना ज्ञान नहीं होना चाहिए कि मैं जब आ रहा हूं। मुख्यमंत्री खुद जा रहे हैं तो राजकीय सम्मान देने में क्या दिक्कत थी, लेकिन वह पॉलिटिकल मेच्योर व्यक्ति नहीं है। उनको सलाह देने वाला नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि अधिकारियों और आरएसएस के लोगों ने घेर रखा है इसीलिए उन्हें किसी ने सलाह दी होगी कि पीएम नरेंद्र मोदी जी नाराज हो जाएंगे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि मोदी जब मुख्यमंत्री थे गुजरात के तब उन्होंने (कमल बेनीवाल) ने कोई समझौता नहीं किया था। मोदीजी से उनका विवाद काफी चर्चा में रहा था। तो क्या मोदी से डर गए मुख्यमंत्री ? यह बड़ा प्रश्न है। हमारे देश की प्रदेश की मातृशक्ति, वह इस बारे में चर्चा कर रही है, पूछ रही है कि ऐसा क्या हुआ कि जब हमारे राजस्थान की परंपरा थी चाहे भैरो सिंह शेखावत हों ,चाहे पंडित नवल किशोर हो उनको सबको जब राजकीय सम्मान दिया गया, तो फिर कमला बेनीवाल को क्यों नहीं दिया? इसलिए हमने यह सवाल उठाया। इसमें राजस्थान सरकार की और मुख्यमंत्री की चूक हुई, वह अगर माफी मांग कर इनके लिए स्मारक के लिए जमीन आवंटन करें, जैसे नवल किशोर शर्मा के लिए अस्पताल की घोषणा हुई ,वैसे ही कोई चीज स्थाई स्मृति बनाने के लिए करना चाहिए, यह पश्चाताप का अच्छा तरीका है।