


सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासन सेवा के अधिकारी बीबी मोहंती को जयपुर महानगर द्वितीय के पॉक्सो कोर्ट-3 ने 10 साल पुराने रेप के मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि पीड़िता घटना के समय नाबालिग नहीं थी। वह अपने अच्छे-बुरे को अच्छी तरह से समझती थी। घटना के तुरंत बाद वह कहीं भी अपना विरोध दर्ज करवा सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इससे लगता है कि पीड़िता ने आईएएस मोहंती के साथ सहमति से संबंध बनाए होंगे। ऐसे में मोहंती के खिलाफ कोई भी अपराध बनना नहीं पाया जाता है।
पीड़िता की शिकायत पर कोर्ट के आदेश से महेश नगर थाना पुलिस ने तत्कालीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बीबी मोहंती के खिलाफ 25 जनवरी 2014 को रेप का मामला दर्ज किया था।
बीबी मोहंती के अधिवक्ता भंवर सिंह चौहान ने बताया कि पीड़िता ने बीबी मोहंती पर आईएएस की तैयारी कराने और शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने शिकायत में कहा था कि मोहंती ने उसके साथ भरतपुर, चेन्नई, उदयपुर, गुड़गांव सहित अन्य कई स्थानों पर ले जाकर ज्यादती की।ज्यादती के बारे में किसी को नहीं बताने का दबाव बनाने के लिए उसे डराया-धमकाया भी था।
मामला दर्ज होने के बाद आईएएस बीबी मोहंती फरार हो गए थे। वे लगातार पुलिस की पकड़ से दूर रहे। 20 सितंबर 2017 को बीबी मोहंती ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।कोर्ट ने इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था। इस मामले में राज्य सरकारर ने उन्हें निलंबित कर दिया था। फरारी के दौरान ही बीबी मोहंती सेवानिवृत हो गए थे।