


चमोली, उत्तराखंड: पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और 'बद्री विशाल लाल की जय' के नारे के साथ सेना के बैंड की मधुर धुनों के बीच रविवार को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
वैदिक मंत्रोच्चार और श्री बद्री विशाल लाल की जय के नारों के साथ रविवार को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले गए। इस दौरान 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद थे। इससे पहले ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के बाहर गणेश पूजन हुआ। इसके बाद पुजारियों ने द्वार पूजा की। मंदिर का कपाट तीन चाबियों से खोला गया।
कपाट खुलते ही पहले दर्शन अखंड ज्योति के हुए। यह 6 महीने से जल रही है। इसके बाद बद्रीनाथ पर चढ़ा हुआ घी से बना कंबल हटाया गया। जो 6 महीने पहले कपाट बंद होने के समय भगवान को ओढ़ाया जाता है। इस कंबल को प्रसाद रूप में बांटा जाएगा। मंदिर के कपाट पिछले साल 14 नवंबर को बंद हुए थे। यानी 179 दिन बाद बद्रीनाथ के कपाट खोले गए।