


टोंक बनास नदी गहलोद में निर्माणाधीन हाई ब्रिज की पांच गार्डरे तेज हवाओं व आंधी के साथ ही अचानक गिर पडी। गार्डरो के गिरने की तेज आवाज सुन करके बनास नदी गहलोद में सब्जी की काश्त करने वाले आवाज वाली दिशा में दौड पडे वहीं हडकंप मच गया। वहां पहुंचने के बाद इस हादसे में किसी के हताहत नही होने की सूचना के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
इस हादसे की इतला के बाद यहां शुक्रवार की रात को सार्वजनिक निर्माण विभाग का कोई अधिकारी नही पहुंचा। शनिवार को सावर्जनिक निर्माण विभाग के टोंक, सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा जोन के अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर सी मीणा ने विभागीय अधिकारियों के साथ पहुंच करके जायजा लिया। जिन्होंने बताया कि यह हादसा हाईड्रा मशीन के चालक की लापरवाही से हुआ है। जिसने मशीन को ठीक से आॅपरेट नही किया इन गार्डरों के पास के पिल्लर में हाईड्रा मशीन से पाईपों की ड्रेसिंग का काम हो रहा था तभी हाईड्रा मशीन का ऊपर का टॉप (बूम) आउटर इन चार गार्डरों मे से एक के टच हो गया। जिससे इसका संतुलन बिगड़ा तो वह एक-दूसरे से टच होता हुआ पांचो गार्डरे गिर पडी।
कम्पनी कार्मिको के मुताबिक हादसे के बाद हाईड्रा मशीन का चालक वहां से मशीन को लेकर भागने लगा तो उन्होंने मशीन की हवा निकाल दी जिससे मशीन वहां ही खडी रह गई तथा हैल्पर वहां से भाग छूटा। मीणा ने करीबन बीस मिनट तक वहां जायजा लेने के बाद ब्रिज निर्माण कार्य में घटिया सामग्री काम में लिए जाने के आरोपो को गलत बताते हुए निर्माण कम्पनी को क्लीनचिट देते हुए कहा कि इसमें घटिया निर्माण सामग्री एवं गुणवत्ता कार्य नही होने संबंधी कोई कारण नही हैं जिससे ब्रिज की गार्डरें गिरी है। उन्होंने कहा कि इसमें हाईड्रा मशीन चालक एवं कम्पनी कार्मिको की लापरवाही है जिससे यह हादसा हुआ।
वहीं दूसरी तरफ बनास नदी गहलोद में सब्जी की काश्तकार सहित आस पास के ग्रामीण वहां आ धमके जिन्होंने घटिया निर्माण सामग्री काम में लिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया । जिन्होंने निर्माण कंपनी की ब्रिज की गुणवत्ता संबंधी सवाल उठाते हुए घटिया निर्माण सामग्री काम में लिए जाने व निर्माण में कई तरह की खामियों का आरोप लगाया।राजस्थान के इस सबसे लंबे ब्रिज के निर्माण के निरीक्षण में टोंक -सवाईमाधोपुर से भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने भी पूर्व में निर्माण कंपनी व पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं की लापरवाही व मिलीभगत का आरोप लगाया था। साइट इंजीनियर कनिष्क शर्मा का कहना है कि पांचों गर्डर धराशायी होने का कारण हाईड्रा मशीन का हेड एक गर्डर के अड़ जाना है। शर्मा ने कहा कि उस समय हवाएं तो चल रही थीं लेकिन उनसे गर्डरों का गिर जाना संभव नहीं है।
बनास नदी गहलोद का हाई ब्रिज राज्य का सबसे बड़ा ब्रिज है जिसकी मुख्य लम्बाई 2किलोमीटर है तथा इसके अलावा टोंक साईट से 525मीटर व गहलोद साईट से 815मीटर एप्रोच रोड बनाई जाएगी। इस ब्रिज का निर्माण जुलाई 24 तक पूर्ण होना है।जिसकी लागत 107.30करोड़ रुपए है यह सारा पैसा केंद्र सरकार का है। एप्रोच में लिए जाने वाली जमीन का अवार्ड जारी करने का कार्य पूरा हो चुका है जिसकी राशि राज्य सरकार की तरफ से 2.55करोड़ रुपए मुआवजा के लिए जारी की जा चुकी है।