


संसदीय निर्वाचन क्षेत्र टोंक -सवाई माधोपुर में शुक्रवार को छिटपुट घटनाओ और तनातनी को छोड़ करके मतदान शन्तिपूर्वक सम्पन्न हो गया। लोकसभा क्षेत्र में शाम पांच बजे तक 52फीसदी मतदान हुआ था। जिसमे सबसे ज्यादा टोंक विधानसभा क्षेत्र में 55.82 प्रतिशत वोट पड़े वही सबसे कम कांग्रेस प्रत्याशी हरिश चंद्र मीणा के विधानसभा क्षेत्र बामणवास में सिर्फ 49 प्रतिशत मतदान ही हो पाया था।
टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र की रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि टोंक -सवाईमाधोपुर लोकसभा क्षेत्र में शाम पांच बजे तक कुल 51.92प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने बताया कि बामनवास विधानसभा क्षेत्र में 49, देवली -उनियारा विधानसभा क्षेत्र में 54.23, गंगापुर में 51.3, खंडार में 54.04, मालपुरा में 50.04, निवाई में 49.18, सवाईमाधोपुर माधोपुर में 51.64तथा टोंक विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 55.82प्रतिशत मतदान हुआ है।
टोंक -लोकसभा क्षेत्र में शुक्रवार को हुए मतदान में कांग्रेस व भाजपा के बीच ही मुकाबला देखा गया। इस चुनाव में शहरी इलाकों में मोदी की गारंटी का प्रभाव दिखा वही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्याशी के जातिगत व क्षेत्रवाद का प्रभाव देखा गया। इतना ही नहीं अल्पसंख्यक मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में महिला मतदाताओ में विशेष जोश देखा गया।
टोंक -सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र में राज्य के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी के विधानसभा क्षेत्र मालपुरा में मतदान प्रतिशत कम होने से भाजपा के लिए कोई विशेष लाभ नहीं दिख पाया क्योंकि इस क्षेत्र से पिछले लोकसभा चुनाव में करीबन 56हजार वोटो से भाजपा प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनापुरिया को बढत मिली थी वही निवाई व टोंक जिले से बढ़त मिली थी।
वैसे तो कम मतदान भाजपा के लिए नुकसानदायक माना जाता है लेकिन विधानसभा चुनाव में यह रिकॉर्ड टूट गया ज्यादा मतदान प्रतिशत कांग्रेस के पक्ष में गया था।
टोंक -सवाई माधोपुर लोकसभा चुनाव में मोदी की गारंटी, राष्ट्रीय मुददो का भी असर दिखाई दिया है साथ ही जातिवाद का भी प्रभाव वोटिंग में दिखाई दिया है। चुनाव परिणाम क्या होगा जीत का सेहरा किसके बंधेगा यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है लेकिन मतदान प्रतिशत ने कांग्रेस व भाजपा को चिंता में डाल दिया है।