Saturday, 29 August 2026

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने खोला राज, स्वयं गहलोत ने राजनीतिक संकट के दौरान कराई थी फोन टैपिंग,मीडिया में वायरल करने के लिए दी थी पेन ड्राइव


पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने खोला राज, स्वयं गहलोत ने राजनीतिक संकट के दौरान कराई थी फोन टैपिंग,मीडिया में वायरल करने के लिए दी थी पेन ड्राइव

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने अशोक गहलोत पर फोन टैपिंग के आरोप लगाए हैं। वर्ष 2020 में राजनीतिक संकट के समय गहलोत सरकार पर फोन टैप करने के आरोप लगे थे। उस समय कुछ ऑडियो भी सामने आए थे। इसी मामले में गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने बुधवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस यह महत्वपूर्ण खुलासा किया ।

पत्रकारों से बातचीत करते हुएलोकेश शर्मा ने कहा कि 16 जुलाई 2020 को तत्कालीन गत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत होटल फेयरमाउंट आए थे। उनके होटल से निकलने के एक घंटे बाद मेरे पास पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के पीएसओ रहे रामनिवास का मोबाइल पर कॉल आया थाऔर उन्होंने कहा था- मुख्यमंत्री गहलोत ने आपको बुलाया है। मैं पिंक हाउस पहुंचा तो मुख्यमंत्री गहलोत मेरा इंतजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री गहलोत ने मुझे एक प्रिंटेड कागज और एक पेन ड्राइव दी। उसमें तीन ऑडियो क्लिप थी, जिसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात थी।

पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्माने कहा कि जो पेपर उन्होंने दिया, इसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भंवरलाल शर्मा और संजय जैन की बातचीत का हवाला था। पेन ड्राइव और पेपर देकर कहा- जल्दी जाकर मीडिया को दे दीजिए। मैंने घर आकर लैपटॉप में ऑडियो को ट्रांसफर किया। इसके बाद माेबाइल में लिया। फिर मीडिया को भेज दिया। ये ऑडियो मुझे सोशल मीडिया से नहीं मिला था। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने मुझे पेन ड्राइव के जरिए सभी ऑडियो क्लिप दी थी।

उन्होंने कहा किअगले दिन जब अखबारों में खबरें छपीं। मुकदमे दर्ज हुए। कौन लोग है, जो सरकार गिराना चाहते हैं। इससे गजेंद्र सिंह को जोड़ा गया। ऐसी मंशा थी कि इस पूरे खेल के पीछे भाजपा है। लेकिन हम सभी ने सुना सचिन पायलट ने कहा था- हम लोगों की सुनवाई नहीं हुई थी। इसलिए एकत्र होकर आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने ने कहा कि जैसे ही अशोक गहलोत को ये पता चला, उन्होंने सारा षड्यंत्र रचा था। जो लोग उनके (सचिन पायलट) साथ गए थे, उनके फोन सर्विलांस पर थे। सभी को ट्रैक किया जा रहा था। इसमें सचिन पायलट भी शामिल थे। सभी का मूवमेंट पता किया जा रहा था।


लोकेश शर्मा ने कहा किऑडियो को वायरल करने के बाद भी, जब तक खबर नहीं आई पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने मुझे दो बार वॉट्सऐप कॉल कर पूछा न्यूज में चला क्यों नहीं। जैसे ही खबर आई तो मुझे पता चला कि ऑडियो क्लिप में क्या है। मुझे सिर्फ डायरेक्शन दिए गए, जिसकी मैंने पालना की थी।

उन्होंने कहा कि मैं जिन्हें अपना राजनैतिक गुरु मानता था। बहुत साफ दिल के इंसान है। क्योंकि मुझे हमेशा कहते थे, मेरी तरह सभी को काम में लिया कर। आज मुझे पता चल गया मैं कैसे काम में आ गया।
लोकेश शर्मा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद भी उन्हें शायद लगता था कि मैंने मोबाइल नहीं तोड़ा है। इसलिए 26 नवंबर, 2021 में मेरे ऑफिस में एसओजी की रेड डलवाई। उसी आदमी ने जिसके लिए मैंने इतना बड़ा कदम उठाया। जो व्यक्ति मुख्यमंत्री के लिए काम करता है। उसके ऑफिस में एसओजी की रेड हुई। मेरे पूरे ऑफिस को खंगाल लिया। मोबाइल नहीं मिला, उसके बाद तसल्ली हुई। ये हैं हमारे पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत और उनकी सच्चाई। वो किस तरह लोगों का उपयोग करते हैं, फिर किनारा कर लेते हैं।

लोकेश शर्मा ने कहा कि जो लोग सचिन पायलट के साथ थे, उनके फोन सर्विलांस पर थे। कुछ लोग इनकी बाड़ेबंदी में भी थे, जिनके फोन सर्विलांस पर थे। फिर जब मुझे क्राइम ब्रांच बुलाया गया तो सोचा गया किस तरह गजेंद्र सिंह पर दबाव बनाया जाए। फिर संजीवनी मामले का राजनीतिक फायदा लेने के लिए कैसे उनकी छवि खराब की जाए। परिवार पर आरोप लगाए जाए। सीएम हाउस पर ये ही षड्यंत्र रचा जाता था। गजेंद्र सिंह और सचिन पायलट को किस तरह से नीचा दिखाया जाए। कैसे जनता के सामने छवि खराब की जाए। इसलिए संजीवनी से जुड़े लोगों को बुलाया जाता था। उनके वीडियो बनाकर लगातार चलाया जाता था।
रीट पेपर लीक पर लोकेश शर्मा ने कहा- पेपर लीक के बाद लेवल 2 के पेपर को रद्द किया गया, लेकिन उसमें जितने लोग शामिल हैं। उसको लेकर भी बातचीत की गई थी। जब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली का नाम सामने आया तो सभी अचरज में पड़ गए। क्या एक्शन लिया जाए। इन्हें बर्खास्त कैसे किया जाए। जो लोग इसमें शामिल थे, उनकी जानकारी होने के बावजूद उन्हें अपना आदमी कहा गया। ऐसे पूर्व मुख्यमंत्री के लिए क्या कहना चाहिए।
लोकेश शर्मा ने कहा कि गहलोत की यह सोच है कि मैं ही कांग्रेस हूं। मेरे अलावा कोई अन्य व्यक्ति कांग्रेस में आगे नहीं बढ़ना चाहिए। उनकी इसी हठधर्मिता के चलते हम पिछले विधानसभा चुनावों में सरकार की वापसी नहीं करवा पाए। शर्मा ने कहा कि उन्होंने आलाकमान तक को धोखा दिया।

उन्होंने कहा कि 25 सितंबर की घटना सभी को याद होगी। मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन आलाकमान का एजेंडा लेकर आए थे। लेकिन उस एजेंडे को सोची समझी रणनीति के तहत प्रायोजित तरीके से पूरा नहीं होने दिया। तत्कालीन सीएम दोपहर में जैसलमेर चले गए। तनोट माता के दर्शन करने के बाद मुझे कॉल किया और कहा कि मीडिया में यह खबर चलवाओ कि ये जो विधायक धारीवाल के घर पर एकत्र है। इनकी एक ही मांग है कि हम में से किसी को भी मुख्यमंत्री बनवा दो। सचिन पायलट नहीं चलेगा।

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