


राज्य की एक दर्जन लोकसभा सीटों के प्रथम चरण में हुए मतदान के बाद अब भाजपा ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए शेष 13 लोकसभा सीटों के लिए द्धितीय चरण 26 अप्रेल को होने वाले चुनावों के लिए विधानसभा क्षेत्रवाइज विधायकों व प्रवासी कार्यकर्ता लगाए है। वही दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी हरिश चंद्र मीणा के समर्थन में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट तथा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के हाथों में चुनाव की कमान है। इन दोनों कांग्रेस पदाधिकारियों के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भी गंगापुर सिटी में जनसभा हो चुकी है।
कांग्रेस टोंक -सवाई माधोपुर लोकसभा सीट से भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए राज्य की कांग्रेस इकाई तो पूरी ताकत लगा रही है।लेकिन कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव की तरह सक्रिय नहीं हो पाए इतना ही नहीं कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में शहरी इलाके आज भी चुनाव प्रचार में भाजपा से काफी पीछे है। साथ ही कांग्रेस के चुनाव प्रचार के साथ ही पार्टी की तरफ से मैनेंजमेंट की कमान भी अभी तक टोंक जिला कांग्रेस संगठन के हाथों में नहीं होने से कार्यकर्ता रूचि नहीं ले पा रहा।
भाजपा प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनापुरिया के समर्थन में 23 अप्रेल को उनियारा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा होंगी जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद होंगे। जिसकी तैयारियों के लिए पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ तथा भाजपा राजस्थान के लोकसभा चुनाव प्रभारी विजय सहस्त्र उनियारा भाजपा कार्यकर्ताओ की बैठक ले चुके है। इतना ही नहीं टोंक -सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा जीत की हेट्रिक लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। राज्य के मंत्री एवं सवाई माधोपुर विधायक डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को सवाईमाधोपुर में मीणा जातिगत वोटों को साधने तथा गंगापुर सिटी में पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर, खण्डार का जिम्मा विधायक एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री जितेंद्र गोठवाल को, टोंक से जिलाध्यक्ष अजीत सिंह मेहता को, मालपुरा से जनस्वास्थ्य मंत्री कन्हैया लाल चैधरी को जाट समाज के वोटो को साधने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गईं है। इनके अलावा प्रवासी कार्यकर्ता भी लगाए गए है।
हाल ही चुनाव प्रचार में दस साल से टोंक -सवाईमाधोपुर सांसद एवं भाजपा प्रत्याशी सुखवीर सिंह जौनापुरिया का ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों विशेष रूप से सांसद विकास निधि से राशि स्वीकृत नहीं होने तथा स्थानीय समस्याओं का हल नहीं होने से नाराजगी देखी गई थी।
भाजपा प्रत्याशी जौनापुरिया के खिलाफ नाराजगी को ड्रेमेज कंट्रोल किए जाने के लिए न सिर्फ टोंक जिले के भाजपा विधायकों व पूर्व विधायकों के साथ ही हाल ही विधानसभा चुनावों में चार विधानसभा सीटों में भाजपा की हुई हार के कारणों में पार्टी की गुटबाजी के साथ ही भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया की हुई शिकायतों से कार्यकर्ताओं की नाराजगी व असंतोष को भी दूर किये जाने की कोशिश में भाजपा नेतृत्व जुट गया है। इतना ही नहीं अब भाजपा ने टोंक -सवाईमाधोपुर लोकसभा क्षेत्र में जातिगत समीकरणों को भी साधने की कवायद शुरू की है ताकि पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ने के साथ ही भाजपा की जीत की हेट्रिक लग सकें। यह तो अभी भविष्य के गर्भ में है कि जीत का ऊंट किस करवट बैठेंगा लेकिन भाजपा विजय रथ को आगे बढ़ाने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है वहीं कांग्रेस भी जातिगत व क्षेत्रवाद तथा स्थानीयता मुद्दों से अपनी जीत की कोशिश में है।