


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश को भष्ट्राचार मुक्त करने के लिए प्रशासन को अलर्ट मोड़ पर कर रखा है वही दूसरी और अन्नपूर्णा रसोई में 22 रुपए प्रति व्यक्ति अनुदान उठाने के लिए भ्रष्टाचार ने सारी हदे पार कर दी है।
सोशल मिडिया पर एक्टिव रहने वाले समाजसेवी पीयूष सुराणा ने अन्नपूर्णा रसोईयों में जिस प्रकार भष्ट्राचार हो रहा है उसके पुख्ता सबुत बताए कि किस प्रकार से एक व्यक्ति एक ही दिन सुबह मात्र 35 मिनिट के अन्तराल में 2 से 7 किलोमीटर की दुरी में दिन में 8 अलग अलग अनपूर्णा रसोइयों पर खाना खाया । साथ ही अन्नपूर्णा रसोईयों से काटे गए कूपन की कॉपी भी उपलब्ध है।
व्यक्ति ने एक दिन में 8 अन्नपूर्णा रसोईयों में जाकर खाना खाया हो या नहीं लेकिन राज्य सरकार से अन्नपूर्णा रसोईयो को संचालित करने वाले ठेकेदार इसके नाम से 22 रुपये प्रति थाली का अनुदान उठा रहा है।
एक रसोई में एक दिन में अधिकतम 200 लोग खाना खा सकते हैं। लाभार्थी को 8 रुपए में खाने की थाली दी जाती है। जबकि अनुदान 22 रुपए है। ऐसे में ठेकेदार हर माह 5 से 10 लाख रुपए सरकार को अनुदान के नाम पर चपत लगा रहा है। अकेले अजमेर शहर में 30 अन्नपूर्णा रसोई है।
अन्नपूर्णा रसोई में खाना खाने जाने वाले व्यक्ति को 8 रुपए जमा करवाने पर उसकी कम्प्यूटर पर फोटो ली जाती है। इसके बाद उनके नाम व पिता का नाम तथा मोबाइल नंबर की एंट्री की जाती हैं। व्यक्ति की एंट्री के बाद कूपन के बदले टोकन दिया जाता है। वह खाना परोसने वाले के पास जाता है। वह प्लास्टिक का टोकन जमा कर लेती और खाने की थाली दे देती है। एंट्री करने वाली के पास ही दो से तीन अन्य व्यक्ति भी बैठे रहते हैवह कंप्यूटर से फोटो खींचने के साथ ही खुद भी अपने मोबाइल से व्यक्ति की फोटो ले लेते है। इसे वह अन्य अत्रपूर्णा रसोई में भेज कर वहां भी इसकी एंट्री करवा देते है।
जबकि राज्य सरकार ने यह नियम बना रखा है कि एक फोटो खींचने के बाद अगले 10 मिनट तक दोबारा फोटो नहीं ली जा सकती। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे पर प्रति कूपन 2000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। इस मामले में भी गत16 मार्च को सुबह 9 बजकर 44 मिनिट 33 सेकण्ड पर पहला कूपन है जबकि दूसरी रसोई में इसी नाम से दूसरा कृपन उसके 17 सेकण्ड बाद ही 9 बजकर 44 मिनिट 59 सेकण्ड पर काट दिया गया। तीसरी रसोई में तीसरा कूपन और चौथा कूपन की रसीद कम्प्यूटर से काटी गई इससे स्पष्ट है कि नियमों की कोई पालना नहीं हो रही है।