


किशोर न्याय बोर्ड, क्रमांक -2, जयपुर जिला, जयपुर के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश अभिषेक कुमार, सदस्य ज्योति शर्मा और दीप शिखा शर्मा ने शुक्रवार को रेप के मामले में आरोपी को दोषमुक्त करने का फैसला दिया है।
कोर्ट ने नाबालिक पीड़िता और अन्य गवाहों के बयानों को विरोधाभासी माना और आरोपी को गलत तरीके से फंसाया जाने की बात कही। जबकि अभियोजन आरोप साबित करने में असफल रहा।
आरोपी के अधिवक्ता अनिष भदाला ने बताया कि अभियोजन पीड़िता पक्ष ने धारा 363, 366A, 376(3), 120B IPC और 5/6 व 16/4 पास्को एक्ट के आरोप लगाए थे। इन धाराओं में लगाए गए आरोपी को साबित करने के लिए 20 साक्षों के बयान लिखे गए थे और कुल 36 प्रमाण प्रस्तुत किए । बचाव में आरोपी द्वारा स्वयं को धारा 313 सीआरपीसी में परीक्षण करवाया गया ।
कोर्ट ने मौखिक, दस्तावेज, साक्षी, और बचाव पक्ष के बयानों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला दिया कि आरोपी पर लगे आरोप दोष मुक्त कर दिया।