Saturday, 29 August 2026

चम्बल रिवर फ्रन्ट को लेकर भ्रष्टाचार के जो झूठे आरोप लगाए थे, प्रहलाद गुंजल को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए: शांति धारीवाल


चम्बल रिवर फ्रन्ट को लेकर भ्रष्टाचार के जो झूठे आरोप लगाए थे, प्रहलाद गुंजल को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए: शांति धारीवाल

कांग्रेस की शुक्रवार को नामांकन भरने से पहले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल और पूर्व स्वायत शासन मंत्री शांति धारीवाल के बीच खुलकर आपसी मतभेद सामने उबर कर सामने आए। दोनों के समर्थकों ने बैठक के बीच में हंगामा कर एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की।

शांति धारीवाल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनके ऊपर प्रहलाद गुंजल ने विधानसभा चुनाव से पहले जो आरोप लगाए हैं उसको लेकर उन्हें सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ेगी।  कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी गुंजल ने माफी नहीं मांगी बल्कि वे बैठक छोड़कर चले गए। इसके बाद धारीवाल भी बैठक से चले गए। गुंजल के कांग्रेस आने से अंदरखाने चल रही गुटबाजी पार्टी कार्यालय में खुलकर सामने आ गई।

बैठक में प्रहलाद गुंजल सहित अन्य पदाधिकारियों का संबोधन पूरा हो गया था और आखिरी में शांति धारीवाल धारीवाल का संबोधन होना था, लेकिन पहले तो धारीवाल ने बैठक में संबोधन से ही इनकार कर दिया। लेकिन कार्यकर्ताओं ने अनुरोध किया कि भाईसाहब दो शब्द तो बोलना ही पड़ेगा।

शांति धारीवाल ने माइक संभालते ही कहा कि गुंजल साहब ने चम्बल रिवर फ्रन्ट को लेकर भ्रष्टाचार और रिवर फ्रन्ट गलत बनने के जो झूठे आरोप लगाए थे, उसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और कहना चाहिए कि उन्होंने भाजपा में रहते हुए जो आरोप लगाए थे वह सब गलत और झूठे हैं।

एनजीटी ने भी चम्बल रिवर फ्रन्ट के निर्माण को सही माना है। कांग्रेस प्रत्याशी गुंजल ने इस पर माफी नहीं मांगी। बस इतना ही कहा कि कांग्रेस में शामिल होने पर आरोप खत्म हो गए हैं। इस पर शांति धारीवाल नाराज हो गए और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माफी तो मांगी ही पड़ेगी। जब धारीवाल बोले रहे थे गुंजल तमतमाते हुए खड़े हुए। यह देखकर गुंजल समर्थकों ने शांति धारीवाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

धारीवाल समर्थक पूर्व शहर महासचिव संजय यादव, उप महापौर सोनू कुरैशी, चेतन समेत कई अन्य कार्यकर्ता भी खड़े हो गए और गुंजल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे माहौल गरमा गया। इस बीच शहर अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष राखी गौतम ने समझाइश करना शुरू किया, लेकिन दोनों तरफ से नारेबाजी होती रही। मामला ज्यादा बढ़ने पर गुंजल बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए।

धारीवाल ने हंगामे के बीच कहा कि गुंजल साहब जिस पार्टी से आए हैं, वह कट्टर हिन्दुत्व वादी है। कांग्रेस सेकुलर पार्टी है। सभी धर्म के लोगों को साथ लेकर चलती है। ऐसे में गुंजल को सेकुलर होना पड़ेगा। इस पर भी गुंजल कुछ नहीं बोले।
गौरतलब कि गुंजल ने गुरुवार रात को धारीवाल के घर जाकर मुलाकात की थी। उसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि दोनों के मतभेद खत्म हो गए हैं। लेकिन पार्टी की बैठक में फिर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। एकजुटता दिखाने के लिए बुलाई गई बैठक में गुटबाजी खुलकर सामने आई। धारीवाल ने प्रहलाद गुंजल से कहा कि आपको कांग्रेस में आने के बाद अब कहना चाहिए कि मैंने जो धारीवाल पर आरोप लगाए थे वह गलत हैं। कांग्रेस में आने के बाद अब आपको सेकुलर बनना चाहिए। इस बात पर प्रहलाद गुंजल नाराज हो गए।

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