


जिला कलेक्ट्री कार्यालय के बाहर 2 घंटे का धरना देकर गुमटी सचालकों ने अपनी पीडा गुरुवार को जिला कलक्टर डॉ. भारती दीक्षित के समक्ष सुनाई। बेरोजगार हुए गुमटी धारको का धरना दिया जा रहा था उस समय प्रदेश की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी का काफिला सामने से जा रहा था।
गुमटी धारक विनोद ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2001-2002 में बेरोजगार शिक्षित लोगों को स्वयं का रोजगार देने हेतु कियोस्क (गुमटी ) योजना प्रारंभ की थी। इसके तहत विधिवत प्रक्रिया अपनाकर राज्य में प्रत्येक जिला स्तर शहरों व कस्बों में आवंटन किया गया था । प्रत्येक आवंटी से सरकार ने एक मुस्त राशि रु.9500/- लगभग लेकर व्यवसाय हेतु कियोस्क (गुमटिया) 10 वर्ष की लीज डीड पर उपलब्ध कराई गई । लोग भलि-भाँति व्यवसाय कर अपनी आजीविका परिवार पालने लगे और आज भी रोजगार कर जीवन यापन कर रहे है ।
गुमटियों के धारकों द्वारा व उनके कियोस्क (गुमटी) सघों द्वारा जन प्रतिनिधियों के माध्यम से तथा जिला कलेक्टरों के माध्यमों, नगर सुधार न्यासों व प्राधिकरणां के माध्यम से प्रस्ताव पारित कराकर इनकी (गुमटियों) की लीज बढ़वाने हेतु विधिवत कार्यवाहीयाँ भी की गई (पत्र अवलोकनार्थ प्रस्तुत है) परन्तु इनमें व्यवसाय करने वाले लोगों को लाभ देने व रोजगार की गारन्टी देने का काम ना तो कॉग्रेस सरकार ने किया और ना ही भाजपा की सरकारों ने किया । इनकी स्थिति यथावत वर्ष 2001-2002 की बनी हुई है । लोग व्यवसायरत है। लगभग 20 वर्षों की अवधि गुजर गई इनमें लोग व्यवसायरत है।
गुमटी बचाओं एसोशियसन के अध्यक्ष गंगा शरण गुर्जर ने कहा कि कियोस्क (गुमटिया) राज्य सरकार के मापदण्डों तथा तकनीकी AEN / JEN, न्यास व नगर निगमों के द्वारा चिन्हित स्थानों पर जहाँ जनता की आवाजाही हो आवंटित की गई है। वर्तमान में एक जगह 4x6 फीट की स्थिति में बनाकर दी गई है। यातायात में बाधित नहीं है ।
उन्होने कहा कि ज्ञापन में कियोस्क (गुमटियों) सबंधित मुख्य बिन्दु प्रस्तुत किए किए हैं। जिसमें गुमटिया (कियोस्क ) राज्य सरकार के आदेश ६ मुख्य सचिव राज. सरकार के परिपत्र स. एफ-55 (56) एस.ई / स्थानि/मु.म.रो. / 19918209 दिनांक 03.12.2001 की पालना व दिशा-निर्देशों के तहत आवंटित की गई थी (परिपत्र प्रति अवलोकनार्थ प्रस्तुत है) ।
गुमटियों या विकास कार्यों को जब कराया गया यदि कही मध्य में आई तो श्रीमान सम्भागीय आयुक्त अजमेर द्वारा जिला क्लेक्टरों को निर्देश दिया पत्रांक प-9/सा./2007/21079 दि. 18 दिसम्बर 2007 द्वारा कि पहले पुनर्वास व्यवस्था की जावे,
रोजगार नही छीना जावें (पत्र अवलोकनार्थ प्रस्तुत है) ।
(3)राज्य की विभिन्न संस्था द्वारा यानि यू.आई. टी. व प्राधिकरणों द्वारा लीज बढ़ाने का तथा राज्य सरकार के कोष में राजस्व अर्जित करने हेतु प्रस्ताव पारित कर सरकार स्वायत शासन विभाग को अनेको बार पत्रों के माध्यम से अवगत भी कराया गया है । (अजमेर नगर सुधार न्यास / प्राधिकरण का पत्र न्यास/प-1/10 / 275 दिनांक 04.04.2011 अवलोकनार्थ प्रस्तुत है ।
(4)समस्त राज्य के शहरों तथा अजमेर शहर में यह कियोस्क (गुमटियाँ) नगर सुधार न्यासों / नगर निगमों / प्राधिकरणों द्वारा उनके लक्ष्यों के हिसाब व संख्या पर आधारित व आवंटित है ।
गुमटी बचाओं एसोशियन के कर्मचारी नेता कान्ती कुमार शर्मा बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा , स्वायत शासन मंत्री से अपील है कि वर्तमान में जब सरकारें आम जनता को रोजगार मुहैया करा रही है ऐसी स्थिति में इन गुमटी धारकों को विकास प्राधिकरणों तथा जिला प्रशासन अजमेर द्वारा बुलडोजर / जे.सी.बी. चलाकर अवस्मात ध्वस्त कर दिया जाता है। आवंटी को तत्काल रोजगार मुक्त कर दिया जाता है। रोजगार 20 वर्षों का छीनते ही उस गुमटी धारक के परिवार की आजीविका छीनकर सड़क पर लाकर खडा किया जाता है ऐसा क्यों
मुख्यमंत्रीभजन लाल शर्मा, स्वायत शासन मंत्री, हम आपसे रोजगार गारन्टी चाहते हुए मांग करते है कि राज्य में तथा अजमेर शहर में स्थित इन गुमटीधारकों की पीड़ा को मध्यनजर रखते हुए वर्तमान समयानुसार राज्य सरकार निर्णय लेवें। इनमें जो लोग व्यवसायरत है, उन्ही को आधार मानकर आवंटन अवधि बढाते हुए इन गुमटियों (कियोस्क) की लीज डीड बढाकर राज्य सरकार राजस्व भी एक मुश्त राशि निर्धारित करावे और गुमटीधारकों के रोजगार को बचाकर रोजगार की गारन्टी प्रदान करावें ।
राज्य सरकार तत्काल सभी जिला क्लेक्टरों व न्यासों / प्राधिकरणों को निर्देशित करावे की वर्तमान कियोस्क गुमटी धारको का व्यवसाय नहीं छीना जावें यथास्थिति व रोजगार सुरक्षित रहे ।
कियास्क संघ/ डेयरी एसोसियशन के धरने को शहर के व्यापार मण्डल, संयुक्त समन्यव श्रमिक समिति अजमेर / मजदूर संघों द्वारा समर्थन धरना स्थल पर आकर दिया गया। धरने में भारी संख्यां मं शहर से कियोस्क धारकों / डेयरी बूथों के संचालको ने भाग लिया। धरना अध्यक्ष गंगा सिंह गुजर व सचिव कान्ति कुमार शर्मा, सहसचिव विनोद कुमार के नेतृत्व दिया गया।