


राज्य के 8 लाख से अधिक कर्मचारी-अधिकारियों को स्टेट इंश्योरेंस और जीपीएफ संबंधी प्रकरणों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि निदेशक महेंद्र खड़गावत ने कहा कि"कई बार कर्मचारी और अधिकारियों को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि उसका कितना पैसा जमा है, कितना लोन है उस पर कितना इंटरेस्ट लग गया है, बकाया कितना है। राज्य सरकार सिस्टम को स्मूथ करना चाहती है। शीघ्र ही लॉन्च किया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि ने खातों की जानकारी देने के लिए एप तैयार किया है। एप पर कर्मियों का अकाउंट होगा। इसमें वो अपने और सरकार की ओर से उनके हिस्से की जमा कराई गई राशि, प्रीमियम की जानकारी देख पाएंगे, बल्कि उनसे संबंधित प्रकरणों संबंधी अफसर की डिटेल भी मिल जाएगी। एप में कर्मचारियों के वेतन, जीपीएफ संबंधी सूचना, विवरण, उनके व्यक्तिगत खाते, लोन, निकासी और दावे का विवरण दिखाई देगा।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि निदेशक महेंद्र खड़गावत ने कहा कि राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि के नए एप का उपयोग 7.72 लाख राज्य बीमा पॉलिसी धारक, 2.24 लाख जीपीएफ खाताधारक, 5.48 लाख जीपीएफ खाताधारक, 80 हजार जीपीएफ-सेब खाताधारक कर सकेंगे। एम-पिन से खाता लॉगइन होगा। एप में हेल्प एंड सपोर्ट, जीपीएफ डैश बोर्ड- लेजर, एसआई डैश बोर्ड, रिलेशनशिप मैनेजर, फैमिली मेंबर डिटेल, पर्सनल डिटेल, नॉमिनी, एसआई लोन सहित कई ऑप्शंस होंगे।