


पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार के इशारे पर आयकर विभाग ने कांग्रेस पार्टी के 11 खाते सीज कर लिए हैं और उसमें जमा राशि 295 करोड़ में से 115 करोड रुपए की राशि आयकर विभाग ने निकाली है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग वर्ष 2017-2018 के वर्ष में 14 लाख 40 हजार रुपए की राशि देशभर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने खातों में जमा कर दी थी। जब के नियम ₹2000 नगद जमा करने के थे लेकिन लोगों को जानकारी नहीं होने के कारण यह राशि देश भर में जमा की गई। इसी को लेकर आयकर विभाग ने कांग्रेस पार्टी के साथ ही एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के 11 खाते फ्रीज किए गए हैं। इसके कारण कांग्रेस अपना प्रतिदिन का कामकाज भी नहीं कर पा रही है।
शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नियमों के मुताबिक आयकर विभाग को ₹10000 की पेनल्टी लगाने का अधिकार है। लेकिन इस प्रकार खाते सीज करना गलत है। उन्होंने कहा कि बिना नियमों के तहत 115 करोड रुपए 75 करोड़ और 60 करोड़ की राशि कांग्रेस के खातों से आयकर विभाग में निकली है जो की गलत है। उन्होंने कहा कि शेष राशि भी निकल नहीं दी जा रही है। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह करते हुए कहा कि इस तरह के गलत काम कोआम जनता के सामने लाने का काम करना चाहिए।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनने के बाद लोकतंत्र और प्रतिपक्ष पर सीधा प्रहार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि8 नवंबर 2016 को नोटबंदी भी यूपी का चुनाव जीतने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा किराजस्थान में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं को धमकाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि 2017-18की गलती को लेकर कांग्रेस के खातों को शीश करना कहां तक सही है। उन्होंने मीडिया से सहयोग की अपील की और कहा कि आयकर की गलत कार्रवाई को आम लोगों तक ले जाने हमारी मदद करें।
प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भी कहा कि जिस प्रकार से केंद्र सरकार लोकसभा का चुनाव लड़ने से पहले कांग्रेस के खातों को अवैधानिक तरीके से सीज कर रही है जो कि गलत है। उन्होंने कहा किआचार संहिता लगी हुई है इसके बावजूद भी यह सब कुछ हो रहा है उन्होंने कहा कि अघोषित आपातकाल की स्थिति बनी हुई है।