


एमडीएस यूनिर्वसिटी के प्राणीशास्त्र विभाग में अंतर्राष्ट्रीय गौरैया दिवस मनाया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि UGC chair , दयानन्द शोध पीठ प्रो. नरेश धीमान, व् अध्यक्षता प्राणिशास्र विभागाध्यक्ष एवं डीन स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो.सुभाष चन्द्र ने की ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थीयों ने सुन्दर एवं आकर्षक पॉस्टर, स्लॉगन और मॉडल के माध्यम से गौरैया के संरक्षण का संदेश दिया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. नरेश धीमान ने बताया कि आज के दौर में मानवता कम होती जा रही है, इसलिए हमें पक्षियों को बचाने के लिए भावनात्मक रूप से उनसे जुड़ना चाहिए ।
प्राणिशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. सुभाष चन्द्र ने कहा कि भारत और दुनियाभर में गौरैया पक्षीयों की संख्या में लगातार कमी हो रही है, ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय गौरैया दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को गौरैया के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। गौरैया पृथ्वी पर सबसे आम और मानव के सबसे क़रीब पक्षी प्रजातियों में से एक है। गौरैया की कम होती आबादी बेहद चिंता का विषय है, ऐसे में इस दिन को मनाना, गौरैया की सुरक्षा और संरक्षण के लिए सराहनीय कदम है। गौरैया की कम होती जा रही संख्या का मुख्य कारण आधुनिक घरों में गौरौया के आवास स्थानों की कमी, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई, आधुनिक शहरीकरण और लगातार बढ़ रहे विकिरण प्रमुख है। एक वक्त था जब गौरैया की चीं-चीं की आवाज से ही लोगों की नींद खुला करती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। यह एक ऐसा पक्षी है जो मनुष्य के इर्द-गिर्द रहना पसंद करता है। गौरैया पक्षी की संख्या में लगातार कमी का दुष्प्रभाव यह भी है कि मानव भी एक तरह से प्रकृति से दुर होता जा रहा है। इस साल 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय गौरैया दिवस एक खास थीम “Sparrows: Give them a tweet-chance !”, “I love sparrows” and “We love sparrows” के साथ मनाया जा रहा है।
गौरैया के कृत्रिम घोसला के निर्माण से जुड़े प्रकाशचंद्र नागौरा ने गौरेया को विलुप्त होने से बचाने के उपयों के तहत बताया कि गौरैया आपके घर में घोंसला बनाए, तो उसे हटाएं नहीं। रोजाना आंगन, खिड़की, बाहरी दीवारों पर दाना पानी रखें।जूते के डिब्बे, प्लास्टिक की बड़ी बोतले और मटकी में उनके प्रवेश के लिए स्थान बनाकर घोंसले के लिए टांगे, जिसमें वो घोंसला बना सकें। बाजार से कृत्रिम घोंसले लाकर घरों में रख सकते हैं। घरों में धान, बाजरा की बालियां लटका कर रखें। कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थीयों ने कृत्रिम घोंसला अपने-२ घरो में लगाने और इनके संरक्षण की शपथ ली । गौरव ने PPT के माध्यम एवं मोहित ने कविता के माध्यम से गौरैया के संरक्षण को आवश्यक बताया । कार्यक्रम में शिक्षक एवम छात्र छात्राएं उपस्थित रहे ।