Saturday, 29 August 2026

किसानों के लिए वरदान सिद्ध हुई फार्म पोंड योजना,बम्पर हुई पैदावार


किसानों के लिए वरदान सिद्ध हुई फार्म पोंड योजना,बम्पर हुई पैदावार

कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बनाए जा रहे फार्म पोंड जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे है। राजस्थान में कभी कम कभी ज्यादा बारिश से जहां किसानों में कृषि के प्रति मोह भंग होता जा था वहीं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना उनकी जीवन में उन्नति का पैगाम ला रही है। फार्म पोंड योजना सही मायने में किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। फार्म पोंड योजना से किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिससे वे आत्मनिर्भर हो रहे है। कृषि विभाग जहां किसानों को जागरूक कर वर्षा के अतिरिक्त फार्म पोंड बना कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे है।

जिले के उपखंड मालपुरा के ग्राम लावा निवासी किसान भंवर लाल गुर्जर ने बताया कि उसके द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में कृषि विभाग से 63 हजार रुपये की अनुदान राशि से फार्म पोंड खुदवाने के बाद उसके खेत में बंपर पैदावार हुई है। फार्म पोंड उसके परिवार के लिए वरदान साबित हुआ है। बारिश को कोई भरोसा नहीं होता है। स्वयं के पास पानी सुरक्षित हो तो किसान को हौंसला बढ़ा रहता है। उसने फार्म पोंड से फसल बोई जिसमें तीन तीन बार फार्म पोंड से सिंचाई की गई जिससे उसके कृषि उत्पादन मंे बढ़ोतरी हुई एवं मवेशियों के लिए हरा चारा हो गया। 

किसानों के लिए राज्य वहीं सरकार की जनकल्याणकारी योजना मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का लाभ उठाकर किसान अपने खेतों में तारबंदी कर रहे हैं। उनके खेतों में खड़ी फसलों का नीलगाय, आवारा पशु व जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाव हो रहा है। इससे किसानों के फसल उत्पादन में तो वृद्धि हुई ही है, साथ ही उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है।

टोंक शहर के समीप के ग्राम गफूरपुरा के लाभार्थी कृषक मणिन्द्र सिंह ने बताया कि लावारिस पशु व जंगली जानवर खेतांे की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा देते थे, जिसके कारण हमारे वर्ष भर की मेहनत पर पानी फिर जाता था। वहीं, लावारिस और जंगली जानवरों को खेतों में आने से रोकने के लिए हमें रात्रि के समय में भी खेतों में रहकर फसलों की निगरानी का कार्य करना पड़ता था। ऐसी विकट परीस्थिति में मुझे कृषि विभाग के अधिकारियों ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत तारबंदी योजना के बारे में जानकारी दी। मैंने इस तारबंदी योजना में आवेदन किया। आवेदन करने के बाद मुझे 40 हजार रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई। लाभार्थी ने बताया कि तारबंदी होने से उसके खेतों में खड़ी फसलों का नीलगाय, आवारा पशु व जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाव हो रहा है।

प्रदेश की सरकार किसानों के भविष्य को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वे महंगे कृषि यंत्र, सस्ती कीमत पर खरीद सकें। टोंक शहर के ग्राम चिरोंज के रहने वाले किसान भूरा लाल जाट को कृषि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत 18 हजार रुपये की अनुदान राशि के साथ कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए है। कृषि यंत्रों के माध्यम से लाभार्थी कृषक को खेती करने में आसानी हो गई है। साथ ही, दिनभर होने वाली मेहनत एवं समय की बचत भी हुई है। किसान भूरा लाल जाट ने विभाग की कृषि यंत्र योजना में अपना पंजीकरण करवाकर लाभ प्राप्त कर हर्ष के साथ राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग को धन्यवाद दे रहे है।

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