Saturday, 29 August 2026

शिक्षा हर मुश्किल व अन्याय से सिखाती हैं लड़ना : डॉ. प्रेमचंद बैरवा


शिक्षा हर मुश्किल व अन्याय से सिखाती हैं लड़ना : डॉ. प्रेमचंद बैरवा

उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा  ने कहा कि व्यक्ति भवन से नहीं भावना से महान बनता है, व्यक्ति साधन से नहीं साधना से महान बनता है, व्यक्ति धरती से नहीं दृष्टिकोण से महान बनता है, व्यक्ति चित्र से नहीं, चरित्र से महान बनता है‌ और व्यक्ति उच्चारण से नहीं उच्च आचरण से महान बनता है और इन सब खूबियों से लबालब थे महान संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर।

 डिप्टी सीएम रविवार को मांडव ऋषि की तपोभूमि मिनी पुष्कर मांडकला सरोवर तट  स्थित श्री रामदेव जी के मंदिर में भारत रत्न बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे जिन्होंने कहा कि आज समाज में बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के संघर्षों से प्रेरणा लेकर उनके द्वारा हमें बताया गए शिक्षा को महत्व को समझना चाहिए।उन्होंने उपस्थित समाज के महिला-पुरुषों को आवाहन किया कि समाज के हर व्यक्ति को प्रतिज्ञा लेना चाहिए कि वह हर परिवारजन तथा वंचित व्यक्ति को शिक्षा दिलवाएं, बिना शिक्षा के मनुष्य जीवन का महत्व निरर्थक है, शिक्षा हमारी उन्नति का मार्ग  प्रशस्त करती है और हर मुश्किल और अन्याय से लड़ना सिखाती है, बिना शिक्षा के जीवन अंधकार के समान है, शिक्षा से ही हम सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ को अर्जित कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ जनता के हर वंचित व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने उपस्थित समाज के जनसमूह को भरोसा दिलाया की किसी समाज के छात्र को शिक्षा प्राप्त करने में आ रही बाधा तथा आवश्यक समस्याओं को उनके सामने लाने पर वह हर संभव मदद करेंगे।उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर 36 कोम का साथ लेकर अपने लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देवली-उनियारा विधानसभा के विधायक और पूर्व सांसद हरिश्चंद्र मीना ने कहा कि भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण  हमें बाबा साहेब द्वारा निर्धारित किए गए लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा, आज हमें बाबा साहब द्वारा संविधान में दी गई शक्तियों को समझते हुए अपना विकास करना चाहिए। विधायक मीना ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों बाद भी कहीं जिलों में आज भी पिछड़ी जातियों के विवाह के अवसर पर निकाले जानी वाली बंदोरी पर से दूल्हे को घोड़ी पर से उतार दिया जाता है जो बड़ा दुख का विषय है। उन्होंने कहा बाबा साहेब द्वारा संविधान में दिए गए अधिकारों का महत्व हमारे लिए जब तक नहीं है जब तक वंचित समाज का हर व्यक्ति शिक्षित नहीं हो जाता, इसलिए सबसे पहले हमें यह प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम हमारे हर परिवारजन को पड़ोसी को तथा रिश्तेदार को शिक्षित करें, शिक्षा मनुष्य को संगठित करती है तथा अपने अधिकारों के प्रति सजग करती है।

 उन्होंने उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा का ध्यान दिलाते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र देवली-उनियारा काफी बड़ा विधानसभा क्षेत्र लेकिन आश्चर्यचकित बात यह है कि देवली से उनियारा 100 किलोमीटर के बीच में एक भी अंबेडकर छात्रावास नहीं बना हुआ है। विधायक मीना ने छात्रावास की मांग को पूरा करने के लिए उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक हरिश्चंद्र मीणा ने सावित्रीबाई फुले की जयंती का अवसर होने पर उनके पोस्टर का विमोचन किया। अंबेडकर मूर्ति अनावरण समिति द्वारा बारा जिला की शिक्षिका हेमलता बैरवा  द्वारा अपने कक्ष में सावित्रीबाई फुले की तस्वीर लगाने के कारण सरकार द्वारा उन्हें निलंबित किए जाने का विरोध करते हुए उन्हें शीघ्र ही उनका निलंबन रद्द करने की मांग का ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक बनवारी लाल बैरवा ने किया। मुख्य अतिथि ने समिति के सदस्यों को शील्ड देकर सम्मानित किया। पूर्व विधायक निवाई कमल बैरवा, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा हरि भाई हरि, राकेश बैरवा अति. पुलिस अधीक्षक जयपुर  , प्रेमचन्द बैरवा अधिशासी अभियंता जिला परिषद टोंक समेत समिति के पदाधिकारी तथा क्षेत्र से आए हुए बैरवा समाज के महिला पुरुष समेत आसपास से आए हुए अन्य समाजों के हजारों लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम समिति की अध्यक्ष रामजीलाल बैरवा ने  अतिथियों व जनसमुदाय का धन्यवाद ज्ञापित किया।



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