


नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान की पर्ची वाली सरकार को प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में हुए मानवता को शर्मसार करने वाले अस्पताल कांड को लेकर भाजपा सरकार की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी के घर का चिराग बुझ गया और सरकार आंकड़ों और दावों की बाजीगरी में मानवता का गला घोंटने का काम करने की बजाय किसी पीड़ित के परिवार को न्याय दिलाने की भूमिका निभाए तो शायद प्रदेश में लोकतंत्र का इकबाल जिंदा रहेगा।
प्रतिपक्ष के नेता जूली ने कहा कि एसएमएसअस्पताल में चिकित्सा प्रबंधन की जानलेवा लापरवाही पर सरकार द्वारा किस तरह लीपा पोती की जा रही है यह किसी से छिपी हुई नहीं है। उन्होंने कहा कि असंवेदनशीलता की सारी हदें पार कर चुकी इस सरकार के आदेश पर प्रशासन गलत खून चढ़ने से हुई बेटे की मौत पर राजनीति करते हुए उसे सड़क दुर्घटना करार दिया जाने पर तुली हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सचिन के मौत का कारण ही बदल दिया है यदि इस सरकार और इस प्रशासन में थोड़ी भी संवेदनशीलता बची है तो पीड़ित के परिवार को उचित न्याय दिलाने की दिशा में कार्यवाही करें। उन्होंने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुर्घटना में घायल सचिन को जयपुर के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां ब्लड ग्रुप ओ की जगह उसे चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एबी पॉजिटिव ब्लड प्लाज्मा चढ़ा दिया गया।
प्रतिपक्ष के नेता जूली ने कहा कि आखिरकार 10 दिन जिंदगी की लड़ाई से जूझते हुए सचिन जीवन की जंग हार गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सचिन के मौत का जो कारण बदला है उसकी सघन जांच के साथ परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के सदस्यों को नौकरी दी जाए।