


लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। शिक्षा मनुष्य के जीवन में सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक बदलाव लाती है। किसी भी देश की तरक्की में शिक्षा का सबसे बड़ा योगदान होता है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को टोंक जिले के निवाई कस्बे में स्थित वनस्थली विद्यापीठ के 88वें वार्षिकोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। सेना, अंतरिक्ष, कृषि, विज्ञान, सरकारी सेवा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक, डाटा साइंस में महिलाएं आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभा रही है।उन्होंने कहा कि वनस्थली विद्यापीठ की छात्राओं के अद्भूत क्षमताओं को देखकर लगता है कि भविष्य में शत प्रतिशत महिलाएं राष्ट्र का नेतृत्व करेंगी। वनस्थली विद्यापीठ एक लघु भारत है,यहां विभिन्न राज्यों से आई हुई बालिकाएं पंचमुखी शिक्षा प्राप्त कर रही है जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधार है।
बिरला ने कहा कि विद्यापीठ में गुरुकुल पद्धति से प्रारंभिक शिक्षा से लेकर आधुनिक शिक्षा का बेहतर समावेश देखने को मिलता है। विश्वविद्यालय में तकनीकी, प्रबंधन, विधि, विज्ञान की शिक्षा के हर आयाम में भारतीय और पाश्चात्य शिक्षा का अभूतपूर्व मिश्रण है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई एवं सामाजिक कुरूतियों को मिटाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विद्यापीठ के निदेशक डाॅ. अंशुमान शास्त्री से कहा कि विद्यापीठ की बालिकाओं के माध्यम से वनस्थली के आसपास के गांवों में निरक्षर एवं कम पढ़ी लिखी महिलाओं को शिक्षित करने की मुहिम चलाई जाएं।
बिरला ने परेड ग्राउंड में वनस्थली सेवा दल एवं एनसीसी कैडेट छात्राओं की सेरेमोनिएल परेड का अवलोकन किया। वीरबाला मैदान में छात्राओं के घुड़सवारी कौशल देखने के बाद मारुत मैदान में उन्होंने फ्लाईंग क्लब का परिदर्शन किया।स्कूल ऑफ ऑटोमेशन एवं सेंटर ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि प्रमुख अकादमिक विभागों की गतिविधियों की सराहना की। समारोह में जिला प्रमुख सरोज बंसल, निवाई-पीपलू विधायक रामसहाय वर्मा, जिला कलेक्टर डाॅ. सौम्या झा, पुलिस अधीक्षक संजीव नैन, एडीएम मालपुरा अशोक त्यागी, एएसपी आदर्श चैधरी, उपखंड अधिकारी निवाई समंदर सिंह भाटी, तहसीलदार अजीत बुंदेला भी मौजूद थे।