


भाजपा सरकार बनने के बाद पेपर लीक माफियाओं पर कार्रवाई करते हुए एसओजी ने अब जूनियर इंजीनियर (जेईएन) पेपर लीक 2020 के मामले में मास्टरमाइंड पटवारी हर्षवर्धन कुमार मीणा सहित 4 को गिरफ्तार किया है।
जूनियर इंजीनियर (जेईएन) पेपर लीक 2020 के मामले में सभी सरकारी कर्मचारी हैं। हर्षवर्धन के साथ एसआई राजेंद्र कुमार यादव उर्फ राजू (30) को नेपाल बॉर्डर से पकड़ा है। टीचर राजेंद्र कुमार यादव (55) और लाइब्रेरियन शिवरतन मोट (30) को अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया है। चारों ने जयपुर के सरकारी स्कूल से पेपर लीक कर अभ्यर्थियों को बेचा था।
एसओजी एडीजी वीके सिंह मंगलवार को एसओजी के मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि 9 दिसंबर 2020 को परीक्षा वाले दिन जेईएन भर्ती 2020 का पेपर सोशल मीडिया में वायरल होने पर रद्द कर कर दिया गया था। एसओजी ने इस दौरान अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। साथ ही एसआईटी का गठन किया गया था।
उन्होंने बताया कि केस की जांच एसआईटी को दी गई। टीम ने अलग-अलग जगहों पर जांच शुरू की। जांच के दौरान हर्षवर्धन मीणा का नाम सामने आया। टीम को पता चला कि हर्षवर्धन नेपाल में है। पुलिस की एक टीम नेपाल बॉर्डर पर भेजी गई। नेपाल में हर्षवर्धन के साथ एसआई राजेंद्र कुमार यादव भी था। टीम ने हर्षवर्धन मीणा और राजेंद्र कुमार यादव को नेपाल सीमा से पकड़ा। दोनों को जयपुर लाकर 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया।
एसओजी एडीजी वीके सिंह ने बताया कि 23 जनवरी 2024 से हर्षवर्धन मीणा पर एसओजी ने 50 हजार रुपए के इनामी घोषित कर रखा था। जांच के दौरान एसओजी अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें 19 लोग ऐसे हैं, जो पेपर लीक गिरोह से जुड़े हैं। इसमें कोचिग संचालक भी है। जेईएन भर्ती 2020 में हुई धांधली में अन्य लोगों की भी एसओजी जल्द गिरफ्तारी करने वाली है।
एसओजी एडीजी वीके सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा 2020 का पेपर परीक्षा से पहले कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाया है। हर्षवर्धन कुमार मीणा अभी दौसा में पटवारी के पद काम कर रहा है। राजेन्द्र कुमार यादव का राजस्थान एसआई भर्ती 2021 में मेरिट पर चयन हो रखा है। राजेन्द्र तृतीय श्रेणी टीचर के पद पर काम कर रहा है। शिवरतन मोट श्रीगंगानगर के भोजेवाल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में लाइब्रेरियन है।एसओजी एडीजी वीके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपी एक गिरोह की तरह काम करते थे। इन चारों आरोपियों ने पूछताछ में बताया- ये लोग प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने के साथ-साथ मूल अभ्यर्थी की जगह डमी अभ्यर्थी बिठा दिया करते थे। एसओजी ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। अब तक जिस परीक्षा में इनके द्वारा नकल कराई गई या डमी अभ्यर्थी बैठाया गया, उनकी जानकारी एसओजी ले रही है।
एसओजी एडीजी वीके सिंह ने बताया कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड हर्षवर्धन कुमार मीणा पुत्र मुरारीलाल मीणा दौसा जिले के सालमपुर थाना स्थित महुआ का रहने वाला है। राजेन्द्र कुमार यादव उर्फ राजू पुत्र तेजपाल यादव जयपुर के कालाडेरा का रहने वाला है। राजेन्द्र कुमार यादव पुत्र द्वारका प्रसाद यादव जयपुर के खातीपुरा रोड स्थित ओटवाडा का रहने वाला है। शिवरतन मोट उर्फ शिवा पुत्र बंशीलाल श्रीगंगानगर के रालियासर का रहने वाला है।