


केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र एवं जरूरतमंद को मिले इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव कोशिश की जा रही हैं।
जिले की ग्राम गहलोद निवासी आरती बैरवा का कहना है कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह दैनिक मजदूरी करने जाती है। प्रथम गर्भावस्था के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नेे घर बैठे महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकरण करके प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का फार्म भराया । योजना के तहत उसको 5 हजार रुपये लाभ प्राप्त हुआ। आरती ने बताया कि गर्भावस्था के समय मजदूरी का कार्य करना मेरे लिए संभव नहीं था। प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना में लाभ मिलने से लाभार्थी आरती बैरवा की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ बच्चों का भी बिना किसी कठिनाई से समुचित भरण पोषण हो रहा हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी कल्याणकारी योजना के लिए आरती ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य सरकार एवं महिला एवं बाल विकास विभाग का आभार व्यक्त किया है।
वहीं ग्राम बोरखंडीकलां की गायत्री प्रजापत ने भी प्रथम बार गर्भवती होने के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अपना पंजीकरण कराया जिसको गर्भवती महिला को पोषण एवं स्वास्थ्य के लिए 5 हजार रुपये की राशि मिली हैं। सरकार से मिली राशि 5 हजार रुपये की राशि से बच्चे को स्वास्थ्य पोषण में बहुत मदद मिली। गायत्री प्रजापत ने इस योजना से अनजान गांव की अन्य महिलाओं को दी है। जिससे सभी गर्भवती महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिये 5 हजार रुपये की राशि का लाभ देकर गर्भवती महिला एवं उसके बच्चे के पोषण एवं स्वास्थ्य का ध्यान रखे जाने का सरकार की इस योजना का ग्राम पालड़ी की कर्मा चैधरी ने स्वागत किया है। उसने बताया कि प्रथम बार गर्भधारण के समय आंगनबाडी कार्यकर्ता नेे ग्राम के आंगनबाड़ी केंद्र में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पंजीकरण किया था। जिसके बाद योजना के लाभ के रूप में उसको 5 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई।