


पीएम विश्वकर्मा योजना की जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को उपखंड अधिकारी टोंक कपिल शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला में योजना की प्रगति की समीक्षा तथा ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में सरपंच, यूएलबी प्रतिनिधि एवं समस्त ग्राम विकास अधिकारी को टेक्निकल प्रशिक्षण दिया गया।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य के महाप्रबंधक सुल्तान सिंह मीणा ने बताया कि जिले में अब तक 236 ग्राम पंचायतों में से 233 ग्राम पंचायत ऑनबोर्ड की जा चुकी है। कार्यशाला में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत हाथ से काम करने वाले 18 प्रकार के पारंपरिक कामगारों, कारीगरों, शिल्पकारों को पहचान, प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन एवं ऋण सुविधा तथा बाजार उपलब्ध कराकर सशक्त बनाने के लिए ग्राम स्तर पर वंचित कामगार का आवेदन करवाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
महाप्रबंधक मीणा ने बताया कि टोंक जिला विश्वकर्मा योजना में राज्य स्तर पर अग्रणी बना हुआ है। कार्यशाला में भारत सरकार द्वारा नामित राजेंद्र जांगिड़, संयोजक प्रभु बाडोलिया, सह संयोजक राजेंद्र सैनी, अग्रणी जिला सहायक बैंक प्रबंधक सईद हुसैन, एमएसएमई विभाग के सहायक निदेशक जितेंद्र मीणा, बलराम मीणा, समन्वयक, कॉमन सर्विस सेंटर टोंक के समन्वयक सहित जिले के सभी सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित थे।