


किसानों को मिलने वाली आय सुनिश्चित करने और टिकाऊ खेती के राष्ट्रीय मिशन के तहत नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिवल एग्रीकल्चर योजना नमसा योजना के तहत जिला कलक्टर डाॅ. सौम्या झा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें निवाई उपखंड के जोधपुरिया गांव का चयन किया गया। जिला कलक्टर डाॅ. सौम्या झा ने बताया कि नमसा योजना से किसानों को केवल खेती ही नहीं बल्कि पशुपालन से जुड़कर आय के एक से अधिक स्त्रोत मिल सकेंगे।नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिवल एग्रीकल्चर योजना नमसा के तहत कृषि विभाग को योजना के तहत दी जाने वाली गतिविधि यदि किसान अपनाता है तो उसे सरकार की ओर से लागत की पचास प्रतिशत राशि का अनुदान के रूप में सहायता दी जाएगी। यह है नमसा योजना जिला कलक्टर डाॅ. सौम्या झा ने बताया कि योजना वर्षा आधारित क्षेत्र में कृषि की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए बनाई गई है। योजना मुख्यतरू समग्र खेती, जल प्रयोग क्षमता, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एव साधन पर केंद्रित है। नमसा योजना के मुख्य बिंदु जल उपयोग क्षमता, पोषण प्रबंधन व जीविका उपार्जन विविधता है। योजना के तहत जिले में कलस्टर का चयन किया जाता है। कलस्टर में 100 से 150 हेक्टेयर भूमि वाले किसानों का चयन होता है। केवल वहीं किसान इस योजना में शामिल हो सकते हैं जिनके पास कम से कम 0.25 हैक्टर जोत एवं अधिकतम 2 हेक्टेयर या इससे अधिक भूमि उपलब्ध हो। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालन आदि गतिविधियों के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। कई किसान इस योजना से लाभान्वित भी हो चुके हैं। ये गतिविधियां होंगी संचालित योजना के तहत विभाग परम्परागत खेती को तो बढ़ावा दे ही रहा है। साथ ही, 15 हेक्टेयर में हार्टिकल्चर बेस्ड बगीचा लगाए जाने की योजना है। जिसमें फसल पद्धति के साथ फलदार पौधे, दलहन फसल व सब्जियां लगाई जाएंगी जिसमें फलदार पौधे लगाएं जाएंगे।इसके अलावा सहायक गतिविधियों में वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण करवाया जाएगा, जो 3 यूनिट होंगी। इसके अतिरिक्त पशुधन से संबंधित भी कई प्रकार की गतिविधियां इस योजना के तहत संचालित की जाएगी संयुक्त निदेशक के के मंगल ने बताया कि योजना के तहत हर किसान को लागत का पचास प्रतिशत का अनुदान दिया जायेगा। 38 किसानों को गाय या भैंस पालन के लिए प्रत्येक पर 40 हजार रुपए का अनुदान दिया जायेगा,चारा प्रदर्शन पर भी 10 हजार रुपए का अनुदान दिया गया है,22 किसानों को भेड़.बकरी पालन के लिए चयनित किया जाएगा और हर किसान को अधिकतम 25 हजार रुपए या लागत का पचास प्रतिशत मिलेगा। 3 वर्मी कंपोस्ट में प्रत्येक यूनिट में 50 हजार रुपए दिया जायेगा अब तक विगत 3 वर्षाे में 2020-21 में देवड़ावास, 2021-22 बरवास,2022- 23 में पांसरोटिया में इस योजना पर अनुदान दिया जा चुका है । बैठक में उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक दिनेश कुमार बैरवा, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक बंशीधर चैधरी, कृषि अनुसंधान अधिकारी अरविन्द जांगीड़, कृषि अधिकारी कजोड़मल गुर्जर इत्यादि मौजूद थे ।