


उदयपुर जिले में विभिन्न सोशल साइट पर ऐड देकर एस्कॉर्ट सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी करने वाले के गिरोह का खुलासा कर पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चला रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 19 एटीएम कार्ड व 15 मोबाइल जप्त किए गए हैं।
एसपी भुवन भूषण यादव ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा साईबर अपराध को रोकने के लिए साईबर क्राईम करने वालो नम्बरो को चिन्हित करने के निर्देश दिये गए। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर लोकेन्द्र दादरवाल एवं वृताधिकारी वृत नगर पश्चिम चांदमल सिंगारिया के नेतृत्व में प्रोबेशनर आईपीएस निश्चय प्रसाद एम एवं एसएचओ अम्बामाता डॉ. हनवन्त सिंह राजपुरोहित की टीम द्वारा एसएचओ खेरवाड़ा दिलीप सिह से सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए सज्जन नगर स्थित अयाना अपार्टमेन्ट के दूसरी मंजिल स्थित कॉल सेंटर पर दबिश दी गई।
कमरे के अन्दर छः लोग बैठे हुए थे, जिनके हाथो में मोबाईल थे। नाम पता पूछने पर उन्होंने अपना नाम दयालाल पाटीदार पुत्र मोगजी (26), रोशन पाटीदार पुत्र नाथुजी (26) व प्रवीण पाटीदार पुत्र मोकजी (23) निवासी थाना दोवडा जिला डुंगरपुर, भरत पाटीदार पुत्र हीरजी पाटीदार (24), हितेश पाटीदार पुत्र लालींग (21) व कपिल पाटीदार पुत्र भानजी (24) निवास थाना आसपुर जिला डुंगरपुर, होना बताया। तलाशी में फ्लैट से कुल 15 मोबाईल फोन, 19 एटीएम एवं अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण मोबाईल चार्जपिन, सीमे मिली। पुलिस मुख्यालय द्वारा साईबर अपराध में चिन्हित नम्बर भी उनके पास मिले।
सभी आरोपियो द्वारा मोबाईल में ऑन लाईन एस्कोर्ट सर्विस साईट पर ऐड में अपनी आईडी बना लडकियों के फोटो टेग कर फर्जी मोबाईल नम्बर दे रखे है। वाट्सअप द्वारा लोग से सम्पर्क कर झांसे में लेकर एडंवास के नाम पर 100-200 से लेकर 5000 तक की रकम डमी बैंक खातो में प्राप्त करते है।
ग्राहक द्वारा एस्कार्ट सर्विस के लिए लडकी की मांग करने पर पहले तो धमकाते तथा फिर भी परेशान करने पर ग्राहक के नम्बर को ब्लॉक कर देते है। इन लोगो द्वारा उपयोग में लिये जा रहे डमी खातो व मोर्बाइल नम्बरो के बारे में पूछने पर बताया कि सिम व खाते किराये से अन्य राज्यो के लोगो द्वारा के.वाई.सी कराया जाकर सिम कार्ड व ए.टी.एम कार्ड को जरिये कुरियर के पहूॅचाना बताया।
जिस पर उक्त सभी को वर्तमान में उपयोग में लिये जा रहे खातो के सम्बन्ध में पूछने पर एक एचडीएफसी बैक के खाता नम्बर एवं दो कोटेक महेन्द्रा बैंक के खाता नम्बरो को काम में लेना बताया तथा उक्त खातो का नेट बैकिंग एक्सेस स्वयं के पास रखते एवं एस्कोर्ट सर्विस के नाम से कस्टमर से ठगी कर प्राप्त राशि को उक्त फर्जी खातो में प्राप्त की जाकर सभी के द्वारा ए.टी.एम से विड्रोल कर उपयोग में ली जाना बताया गया। तथा अपने साथ किसी महिला को नही रखकर केवल धोखाधडी कर पैसे कमाने के उदेश्य से एस्कोर्ट सर्विस पर अलग अलग लडकियो की फोटो डालकर उसमें फर्जी नम्बरो की सीम के नम्बर व फर्जी ईमेल एड्रेस लगाकर ऐड देते रहते थे तथा सभी आरोपी फर्जी तरीके से प्राप्त सीमो को अपने मोबाईल में लगाकर ही अपना सारा कार्य करते थे।