12 वीं कक्षा की छात्रा ने सोमवार को आत्महत्या कर ली। बोरखेड़ा निवासी 18 वर्षीय 12वीं कक्षा की छात्रा ने अपने मां-पिता के लिए एक सुसाइड नोट छोडकऱ आत्महत्या कर ली। जिस दिन उसने आत्महत्या की, उसके अगले ही दिन 30 जनवरी उसका जेईई की परीक्षा थी। पुलिस के अनुसार छात्रा पढ़ाई को लेकर तनाव में थी।
पुलिस उप अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि आत्महत्या करने वाली छात्रा ने मां-पिता के नाम सुसाइड नोट छोड़ा।जिसमें लिखा था कि सॉरी मम्मी-पापा, मैं जेईई नहीं कर सकती, इसलिए सुसाइड कर रही हूं। मैं लूजर हूं। मैं सबसे बुरी बेटी हूं। सॉरी मम्मी-पापा। यहीं लास्ट ऑप्शन है।
पुलिस ने बताया कि बोरखेड़ा क्षेत्र के 120 फीट रोड शिव विहार निवासी छात्रा निहारिका (18) ने सोमवार सुबह अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। छात्रा अपने कमरे में संदिग्ध हालत में मिली। परिजन उसे एमबीएस अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सक से उसे मृ़त घोषित कर दिया। छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपने मां-पिता से सॉरी मांगी है तथा जेईई नहीं कर पाने का जिक्र किया है।मृतका छात्रा के चचेरे भाई विक्रम सिंह ने बताया कि निहारिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी। पहले भी उसने 12वीं की परीक्षा दी थी, लेकिन नम्बर कम आने के कारण दुबारा 12वीं की परीक्षा दे रही थी। वहीं एक कोचिंग सेंटर से वह जेईई की तैयारी कर रही थी। विक्रम के अनुसार निहारिका पढ़ाई में अच्छी थी। वह प्रतिदिन 7-8 घंटे पढ़ाई करती थी। लेकिन वह पढ़ाई और परीक्षा को लेकर तनाव में थी।छात्रा निहारिका तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। उसके पिता विजय सिंह निजी बैंक में गनमैन है। माता-पिता, बहनों और दादी के साथ रहती थी। सोमवार सुबह पिता ड्यूटी पर चले गए। जबकि निहारिका दूसरे मंजिल पर बने एक कमरे में थी। अन्य परिजन नीचे थे। सुबह 10 बजे करीब दादी ऊपर गई तो निहारिका संदिग्ध हालत में दिखाई दी। इसके बाद उसने अन्य परिजनों को बुलाया।