Saturday, 29 August 2026

ग्लोबल चैलेंजेज में मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च बहुत जरूरी : डॉ. दिनेश राय


 ग्लोबल चैलेंजेज में मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च बहुत जरूरी   :  डॉ. दिनेश राय

नेशनल कांफ्रेंस ऑन मल्टी डिसिप्लेनरी रिसर्च ट्रेंड्स एंड एप्रोचेस विषयक दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस खुशाल दास यूनिवर्सिटी और राजस्थान टेक्निकल लाइब्रेरी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में एसकेडीयू कैम्पस में आज से शुरू हुई। कांफ्रेंस के मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ एडीएम् सिटी दिनेश राय सापेला व विशिष्ट अतिथि शनरेंद्र कुमार स्वामी, जेल अधीक्षक, हनुमानगढ़ रहे। डॉ. सापेला ने आज के इंटरनेट के युग पर  कहा कि आज कंटेंट वॉइस कमांड पर है और रिसर्च मल्टी डिसिप्लिन होता जा रहा है,  असीमित और अनियमित प्रकाशन  के कारण यूनिवर्सिटीज को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और एक प्रगतिशील समाज के लिए रिसर्च ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।  

यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन दिनेश कुमार जुनेजा ने यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों का वर्णन करते हुए कहा कि हनुमानगढ़ जिले में इकलौती यूनिवर्सिटी होने के नाते हमारी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है जिसको हम चुनौती के रूप में स्वीकार कर रहे हैं, आज हमने इस शिक्षा से वंचित क्षेत्र के लिए यहाँ की आवश्यकतानुसार कोर्स शुरू किये हैं जिसका लाभ धीरे-धीरे मिलना शुरू हो गया है। 

टेक्निकल सेशन में प्लेगेरिज्म इन एकेडमी कल्चर पर डॉ. नरेंद्र कुमार डिप्टी लाइब्रेरियन गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी हिसार ने एकेडमिक इंटीग्रिटी की उपयोगिता पर बल  दिया। उन्होंने बताया कि आज लाखों रिसर्च पेपर रोज प्रकाशित हो रहे हैं और हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के लिए एकेडमिक इंटीग्रिटी एक चुनौती बनता जा रहा है।

स्पेशल इनवाइटेड टॉक में साइटेशन एथिक्स एंड प्लेगेरिज्म पर करण नरेंद्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जयपुर की डॉ. विनय सिंह कश्यप ने विस्तार से प्रकाश डाला।

नीलम नौटियाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड लाइब्रेरी सर्विसेज, डॉ. ललित त्यागी और कमर अब्बास ने एनालिसिस आफ सब्सक्रिप्शन पैटर्न इन एकेडमिक लाइब्रेरी, डॉ. रोशन लाल ने मार्केटिंग ऑफ लाइब्रेरी सर्विसेज, डॉ. अनामिका माथुर ने मास्टरिंग द आर्ट ऑफ़ कम्युनिकेशन, डॉ. सौभाग्यवती गुप्ता और डॉ. सुनील शर्मा ने ओपन एक्सेस पब्लिशिंग एंड एकेडमिक लाइब्रेरी, डॉ. कविता चौधरी और डॉ. कुमकुम राजावत ने सोशल नेटवर्क्स एंड सोशल नेटवर्किंग साइट्स फंक्शन इन डिलीवरी ऑफ़ इनफार्मेशन सर्विसेज एंड लाइब्रेरीज, डॉ. श्रद्धा कल्ला ने  डिजिटल रिवोल्यूशन: ए क्लोज्ड लुक एट इन्नोवेशन इन लाइब्रेरी सर्विसेज, डॉ. सीमा शर्मा ने अनलॉकिंग द पावर ऑफ नॉलेज रिपोजिटरी इंपैक्ट ऑफ़ इंस्टीट्यूशन रैंकिंग एंड एक्रीडिटेशन प्रक्रिया पर रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।

सेकंड टेक्निकल सेशन में रिसर्च डाटा साइटेशन  एंड मैनेजमेंट एंड इंट्रोडक्शन पर डॉ. मुकेश पाठक, डिप्टी लाइब्रेरियन स्कूल ऑफ प्लैनिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स फॉर रिसर्च स्कॉलर्स  पर भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी जयपुर के लाइब्रेरियन डॉ. भूप सिंह ने इनवाइटेड टॉक का प्रेजेंटेशन दिया।

टेक्निकल सेशन में ही पूजा जैन और डॉ. मीरा ने मैपिंग द रिसर्च प्रोडक्टिविटी ऑफ द नॉर्थ ईस्ट रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशन, त्रिवेणी शर्मा व डॉ. राजकुमार भाकर ने ए बर्ड्स आई व्यू ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक रिसोर्सेज इन इंडिया, सौरभ कुमार और डॉ. गरिमा बंसल ने न्यू अप्रोच एंड फ्रेंड्स ऑफ़ डिजिटल इन्नोवेशन, हीरामणि दाधीच और मंजू जोपट  ने यूज़  ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स रिसोर्स ऑफ़  फैकल्टी मेंबर ऑफ़ पीजी कॉलेज जयपुर, डॉ. विनीत चौहान ने कंसोर्सियम फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स रिसोर्स इन एग्रीकल्चर, ओमवती शर्मा ने नेविगेशन इन  डिजिटल लैंडस्केप, मिस शबनम खान ने न्यू चैलेंजेज इन इंडिया, डॉ. विक्रम सिंह औलख ने इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी, मनीष शर्मा ने एकडेमिक क्रेडिट बैंक इन हायर एजुकेशन विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम की शुरुआत में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर रतन लाल गोदारा ने स्वागत भाषण में कांफ्रेंस की थीम पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. सीएम राजोरिया, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. शशि मोरोलिया, आरटीएलए पेट्रोन प्रोफेसर राजकुमार भाकर, कांफ्रेंस ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी कुमर अब्बास, को-ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी झूमर मल शर्मा, को-कन्वीनर सुषमा गोस्वामी सहित हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली एनसीआर, पंजाब आदि से 300 से ज्यादा शोधार्थी, शिक्षक और प्रोफेशनल उपस्थित थे। 



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