


भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र की ओर से शुक्रवार से तीन दिवसीय बीएमकॉन कोर (बीएमकॉन-8) की शुरुआत होगी। जेएलएन रोड स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के 400 से अधिक कोलोरेक्टल कैंसर विशेषज्ञ कैंसर जांच एवं उपचार की नवीनतम पद्धतियों और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। यह जानकारी मंगलवार को भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी गई।
बीएमकॉन कोर 2024 के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ शशिकांत सैनी ने बताया कि कोलोरेक्टल कैंसर के उपचार से संबंधित देष-विदेष में कई तरह के अनुसंधान चल रहे हैं। इसके साथ ही कई तरह की नवीनतम उपचार पद्धतियों का उपयोग चुनिन्दा सेंटर्स पर किया जा रहा है। इन अनुसंधान, पद्धतियों और चुनौतियों पर चर्चा के लिए बीएमकॉन-8 का आयोजन किया जा रहा हैं।
डॉ शशिकांत ने बताया कि बीएमकॉन कोर का उदघाटन स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के द्वारा शनिवार 27 जनवरी को शाम 7 बजे किया जाएगा। तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस के पहले दिन वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। 27 और 28 जनवरी को मुख्य कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। इसमें 30 सेशन आयोजित होंगे जिसमें 50 से अधिक राष्ट्रीय- अंतराष्ट्रीय स्पीकर्स शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस के तहत बीएमसीएचआरसी में 8 से अधिक लाइव सर्जरी की जाएगी, जिनको आरआईसी में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस के तहत बैंगलोर के डॉ संदीप नायक रोबोटिक सर्जरी भी लाइव दिखाएंगे।
कॉन्फ्रेंस की ऑर्गेनाइजिंग चयरपर्सन डॉ. गीताजंली अग्रवाल जोशी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस को एजुकेषन से जोड़ते हुए इसमें क्विज और पेपर प्रेजेंटेशन को भी जोड़ा गया है। इसमें 70 शोध पत्र को शामिल किया गया है। चिकित्सालय के अधिशासी निदेशक मेजर जनरल एससी पारीक, सेवानिवृत्त ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में विश्व भर से 400 से अधिक विशेषज्ञ भाग ले रहे है। इनमें यूएसए के डॉ पारूल शुक्ला, मुम्बई के डॉ. अवनीश सकलानी, अहमदाबाद से डॉ. जगदीश एम कोठारी, कोयंबटूर से डॉ. राजा पांडयन, पुणे से डॉ. अमोल बापे और श्रीनगर से डॉ. शबनम बशीर शामिल।
पेशेंट की फास्ट रिकवरी पर वर्कशॉप
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन ईरास वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। वर्कशॉप कन्वीनर डॉ अंजुम खान ने बताया कि एक दिवसीय इन्हैंसड रिकवरी आफ्टर सर्जरी वर्कशॉप में सौ से अधिक एनेस्थिसियोलॉजिस्ट एंव सर्जन भाग लेंगे। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य पेशेंट की रिकवरी को फास्ट करना है। सर्जरी के पहले और सर्जरी के बाद पेशेंट को किस तरह की केयर दी जाए और सर्जन एवं एनेस्थिसिया एक्सपर्ट की इसमें क्या भूमिका रहती है इसे लेकर चर्चा की जाएगी। डॉ शशिकांत सैनी ने बताया ईरास वर्कशॉप के पश्चात रेक्टल एमआरआई पर भी वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा।