


जयपुर के क्लर्क आमेर होटल में 1 से 5 फरवरी को आयोजित होने वाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का प्रीव्यू शो लीला पैलेस दिल्ली में रखा गया। फेस्टिवल के प्रोडूसर टीमवर्क आर्ट्स ने इस प्रीव्यू में फेस्टिवल के 17 वें संस्करण की झलक प्रस्तुत की। साहित्य के इस महाकुम्भ में 16 भारतीय और 8 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं शामिल होंगी। भारतीय भाषाओं में असमी, अवधी, बंजारा भाषा—लामानी (लम्बाडा), बंगाली, हिन्दी, कन्नड़, कश्मीरी, कुरुख, मलयालम, उड़िया, पंजाबी, राजस्थानी, संस्कृत, तमिल, तोड़ा और उर्दू के साहित्यकार हिस्सा लेंगे।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की को-डायरेक्टर नमिता गोखले ने कहा कि फेस्टिवल के 17 वें संस्करण में देश-विदेश के 520 वक्ता और कलाकार शामिल होंगे, जिनमें बुकर, इंटरनेशनल बुकर, पुलित्जर, साहित्य अकादमी, दादा साहेब फाल्के अवाॅर्ड, डीएससी प्राइज फॉर साउथ एशियन लिटरेचर, जेसीबी प्राइज फॉर लिटरेचर से सम्मानित लेखक भी हैं। फेस्टिवल में फिक्शन-नॉन फिक्शन, साहित्य-समीक्षा, इतिहास, राजनीति और करंट अफेयर, अर्थशास्त्र, काव्य, कला व संस्कृति, कला व आर्किटेक्चर, अनुवाद, ग्राफिक नॉवेल, लैंगिकता, विज्ञान व औषधि, फूड व मेमोरी, जीवनी व संस्मरण, मिथक, अध्यात्म व धर्म, मानसिक स्वास्थ्य, फैशन व लाइफस्टाइल, कानून व न्याय, जिओपॉलिटिक्स, खेल, अपराध कथा, जलवायु परिवर्तन व पर्यावरण, पेट्स, शहर, लाइब्रेरीज और सिनेमा सहित विविध विषयों पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि अपने सत्रहवें साल में हम अपनी बहुभाषी साहित्यिक विरासत के प्रति दृढ़ हैं। हमारे साथ पच्चीस देशों के लेखक जुड़ेंगे। हम सोलह भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिसमें वाचिक परम्परा भी शामिल है। लेखक, इतिहासकार और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के को-डायरेक्टर विलियम डेलरिम्पल ने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में हर साल हम अपना ही स्तर बढ़ाने का प्रयास करते हैं और 2024 अब तक का सबसे बेहतर साल होने जा रहा है। हम दुनिया की श्रेष्ठ प्रतिभाओं की मेजबानी करते हैं, जिनमें महान उपन्यासकार व कवि, पर्यावरणविद और खोजी पत्रकार, यात्रा लेखक और हास्य लेखक, साहित्य समीक्षक और दार्शनिक तक सब शामिल होते हैं। ये अभिव्यक्ति का ऐसा मंच है, जहां प्रत्येक क्षेत्र और धाराओं के लोग अपना मत व्यक्त करने को स्वतंत्र हैं।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की को-डायरेक्टर नमिता गोखले ने कहा कि वक्ताओं की हमारी लिस्ट में पॉल लिंच, हेर्नन डिआज़, बेन मकिन्त्रे, बोनी गार्मुस, रिचर्ड ओसमान, पीटर फ्रैंकोपन, कोलिन थुब्रों, मैरी बियर्ड, केय बर्ड, कैटी किटामुरा, मोनिका अली, निकोलस शेक्सपियर, डेमों गल्गुट, ल्यूक स्यों, कैथरीन रुंडेल, मेर्वे एमरे, विन्सेंट ब्राउन, अमिया श्रीनिवासन, पैट्रिक रेडेन कीफ, जैरी ब्रोटों जैसे नाम श्रामिल है।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के प्रोडूसर संजॉय के. रॉय ने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2024 की ओर बढ़ते हुए हमारा मकसद समावेशिता का है। हम ऐसे साहित्य की बात करते हैं, जो सबको जोड़ता है और वैश्विक स्तर पर संवाद को बढ़ावा देता है। हमारा फेस्टिवल बहुलवाद, विविधता और बहुभाषावाद का प्रतीक है, जिसमें 24 से अधिक भाषाएं प्रस्तुत होंगी, जिनमें से 16 भारत से हैं। द लीला पैलेस में आयोजित कर्टेन रेजर में मोहम्मद रफीक खान लांगा ने सम्मोहक प्रस्तुति दी। रफीक राजस्थान के पारम्परिक लोक गायन घराने लांगा से आते हैं।