


विधानसभा के नए विधायकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि राजनीतिक अखाड़े में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर में मेरा खूब विरोध किया है, लेकिन हमारे संबंध आज भी अच्छे और माधुर हैं। उन्होंने कहा कि मर्यादित तरीके से विरोध करनामौजूदा विधानसभा अध्यक्ष देवनानी से सीखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी सदस्य के लिए भ्रांति फैलाकर उसका जो चरित्र हरण हो रहा है उसे रोके जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का दायित्व होता है कि वह विपक्ष के अधिकारों का संरक्षण करें।
मंगलवार को विधानसभा में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री को जिस तरीके से सौभाग्य मिला है, उससे संकेत मिलता है कि भारत बदल गया है और अब सब कुछ मुमकिन है। कम समय में भजनलाल शर्मा ने लोकप्रियता हासिल की है, कम समय में मिली लोकप्रियता को बढ़ाना और बचाना चुनौती है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि विधायिका का आचरण देखकर लोग चिंतित हैं इसमें व्यापक सुधार की जरूरत है।उन्होंने कहा कि सदन में सदस्य व्यवधान डालकर कुछ समय के लिए चर्चित हो सकता है लेकिन उसेअधिक प्रभावी बनने के लिएअच्छे आचरण और सदन में दिए गए वक्तव को लेकर यही ध्यान रखना चाहिए कि उसका आचरण हमेशा याद रहेगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य को निलंबित करना सबसे बड़ी पीड़ा का विषय होता हैउन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक सदस्य उसके दल के आदेशों के अनुसार चलने के लिए विवश होता है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य को मर्यादित और अनुक्रणीय आचरण करना चाहिए।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन आसानी से हो जाती है लेकिन अन्य देशों में यह सब आसानी से संभव नहीं होता है।उन्होंने कहा कि संविधान में हर बात का जवाब है इस अध्ययन करने की जरूरत है।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से सभी सदस्यों कोदिल्ली आमंत्रित किया और कहा कि वह नए संसद भवन को मेरे अतिथि में देखकर आएउन्होंने कहा किमैं सदस्योंको परिवार सहित आमंत्रित करता हूं। उन्होंने कहा कि जब प्रतिपक्ष के नेता बन जाएंगे तो मैं उनसे भी फोन पर बात करूंगा।उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे यह अवसर प्रदान किया इसके लिए मैं हमेशा सभी का आभारी रहूंगा।