Saturday, 29 August 2026

भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर मिश्रा को राजस्थान से हटाया और तेलंगाना की दी जिम्मेदारी


भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर मिश्रा को राजस्थान से हटाया और तेलंगाना की दी जिम्मेदारी

भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर मिश्रा को राजस्थान से हटा दिया गया है। चंद्रशेखर मिश्रा वर्तमान में दिल्ली में मौजूद है। उन्होंने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। उन्हें इस बात का आभास था कि उन्हें हटाया जाएगा। 

राजस्थान में संगठन महामंत्री को हटाए जाने के बाद नई नियुक्ति नहीं करने का क्या कारण है अभी पता नहीं चला है। यह माना जा रहा है कि यहां पर किसी संगठन महामंत्री को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर मिश्र को अचानक हटाए जाने के बाद भाजपा के कार्यालय में सन्नाटा है। उनके कार्य शैली से नाराज कार्यकर्ता और नेता इस बात को लेकर खुश है कि आने वाले समय में पार्टी में व्यापक बदलाव आएगा। प्रदेश संगठन के कई पदाधिकारी मंत्री बन गए हैं अब उन्हें भी हटाई जाने की बात कही जा रही है उनकी जगह नए लोगों की नियुक्ति शीघ्र की जा सकती है।

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में उन्हें तेलंगाना प्रदेश का कार्यभार दिया है। फिलहाल नए संगठन महामंत्री का नाम घोषित नहीं किया गया है। लगभग 8 साल से पार्टी की कमान संभाल रहे चंद्रशेखर मिश्रा की विदाई की गई ।उनकी कार्यशैली को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे थे। श्री करनपुर का विधानसभा चुनाव हारने के बाद केंद्रीय नेतृत्व उनसे नाराज था।संगठन की सिफारिश पर भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पाल टीटी को चुनाव जीतने से पहले मंत्री पद की शपथ दिलाई थी। इसके बावजूद भी पार्टी चुनाव हार गई।

चंद्रशेखर मिश्रा जब वर्ष 2017 में भाजपा शासन में थी और प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के समय जयपुर आए थे। उसके बाद मदनलाल सैनी और डॉ. सतीश पूनिया पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने। लेकिन चंद्रशेखर मिश्र को संगठन महामंत्री पद से नहीं हटाया गया यही नहीं पार्टी के अध्यक्ष पद पर सीपी जोशी को नियुक्ति दी गई। इसके बावजूद भी उन्हें संगठन महामंत्री बनाए रखा। प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर एक नई जिम्मेदारी दी जिसे उन्होंने निभाया और पार्टी को फिर से सत्ता में लाने में कामयाब में दिलाए।लेकिन सीपी जोशी को स्वतंत्ररूप सेसंगठन महामंत्री काम नहीं करने दे रहे थे यही कारण है कि उन्हें तेलंगाना भेजा गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी उनके कामकाज को लेकर नाराज थी और उन्हें हटाए जाने को लेकर मांग कर रही थी।


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