जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ गुरुवार को शिप्रापथ थाने में जनसुनवाई की। यहां अधिकांश मामले जमीनों से संबंधित आए हैं। इनमें घर पर जबरन कब्जा करना, किराएदार बनकर मकान मालिक को धमकाना, पार्किंग विवाद और हॉस्टल, पीजी से संबंधित मामले हैं। साथ ही एक महिला ने मानसरोवर थाने के तत्कालीन सीआई (6 महीने पहले) और मौजूदा एएसआई पर जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगाए हैं। कुछ लोगों ने पुलिस पर ही मिलीभगत करने के आरोप लगाए। वहीं, बीजेपी पार्षद पर भी मारपीट के आरोप लगे हैं।
अधिकांश मामलों में पुलिस एफआर लगा चुकी है। जनसुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर ने मामलों की फिर से जांच करने के लिए कहा। जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने बदमाशों की बड़े नेताओं के साथ फोटो और वीडियो भी दिखाए। लोगों ने बताया- ये बदमाश इन फोटो और वीडियो के आधार पर डराते-धमकाते हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस की मिलीभगत के भी आरोप लगे।
जयपुर पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई सुबह 11:30 बजे शुरू की जो एक 1:30 बजे खत्म हो गई। शिप्रा पथ थाने से जयपुर पुलिस कमिश्नर के निकलते ही सभी अधिकारी भी निकलने लगे। मौके पर मौजूद पीड़ितों समझ नहीं आया कि आगे क्या करें। बिना सुने ही अधिकारी मौके से रवाना हो गए।