Saturday, 29 August 2026

पुस्तक कोई कागज में स्याही से लिखे अक्षर नहीं, विचार अभिव्यक्ति का सजीव चित्रण: डॉ.ओमप्रकाश बैरवा


पुस्तक कोई कागज में स्याही से लिखे अक्षर नहीं, विचार अभिव्यक्ति का सजीव चित्रण: डॉ.ओमप्रकाश  बैरवा

अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. सूरज सिंह नेगी की संस्मरण आधारित 36 वीं मेरी ईजा पुस्तक का विमोचन मंगलवार को जिला कलक्टर डॉ.ओमप्रकाश बैरवा, जिला पुलिस अधीक्षक राजर्षिराज ने किया। समारोह की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ववलन व पूजा अर्चना से की गई।

डॉ.सूरजसिंह नेगी की तरफ से लिखी गई मेरी ईजा पुस्तक के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए जिला कलक्टर डॉ.ओमप्रकाश बैरवा ने डॉ.नेगी को बधाई देते हुए कहा कि पुस्तक अपने आपमें अभिव्यक्ति होती है उसका अपना महत्व होता है। उन्होंने कहा कि पुस्तक कागज में लिखी हुई  स्याही के अक्षर नही होती बल्कि  वह सजीव होती है। 

उन्होंने कहा कि  मेरी ईजा पुस्तक  मां के महत्व को दर्शाती है व्यक्ति के जीवन में जन्म से व्यक्तित्व निर्माण तक मां का बड़ा महत्व है। जिला कलक्टर डॉ.ओमप्रकाश ने अपने प्रशासनिक अनुभवों को भी पुस्तक विमोचन समारोह में साझा किए।

जिला कलकटर डॉ.  बैरवा ने कहा कि पुस्तके मन की ,दिल की बात का सजीव चित्रण लेखक की मंशा को दर्शाता है।

डॉ.सूरज सिंह नेगी ने अपनी लिखित पुस्तक मेरी ईजा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पुस्तक स्वंय की जिंदगी से सम्बंधित है इस पुस्तक में  न केवल मेंरे परिवार बल्कि उत्तराखण्ड की जीवन शैली,सामाजिक परम्पराओं का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को आप पढ़ेंगे तो आपकी मां का स्मरण स्वतः ही हो जाएगा।

डॉ.सूरजसिंह नेगी की संस्करण आधारित मेरी ईजा पुस्तक विमोचन समारोह में एसडीएम टोंक कपिल शर्मा, तहसीलदार रामधन गुर्जर,अजीमजी प्रेमजी अजीम फाउंडेशन के देवेंद्र जोशी,एपीआरआई टोंक के पूर्व निदेशक मुजीब अता आजाद,गोरधन हिरोनी ,शेलेन्द्र शर्मा, सेंट सोल्जर शिक्षा समिति के निदेशक बाबूलाल शर्मा,रेल लाओ संघर्ष समिति टोंक के अध्यक्ष अकबर खान,रोहिताश्व कुमावत, विवेकानन्द शिक्षा समिति के निदेशक रमेश चन्द्र काला, धनराज साहू, राजकीय महाविद्यालय टोंक के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.मनु शर्मा, जिला परिषद टोंक के सीईओ देशलदान आदि मौजूद थे।

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