Saturday, 29 August 2026

22 जनवरी को होगी जयपुर में दीपावली जैसी रोशनी, तैयारी को लेकर ग्रेटर नगर निगम की समितियो की मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर ने ली बैठक


22 जनवरी को होगी जयपुर में दीपावली जैसी रोशनी, तैयारी को लेकर ग्रेटर नगर निगम की समितियो की मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर ने ली बैठक

अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभ अवसर पर जयपुर में दीपावली जैसी सजावट करवाई जाएगी। इस दिन पूरे शहर में प्रमुख चौराहों, सरकारी भवनों और मंदिरों में 5 लाख से ज्यादा दीप जलाए जाएंगे। ग्रेटर नगर निगम ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है। मंदिरों, प्रमुख सरकारी भवनों और चौराहों पर विशेष रोशनी (सजावट) की जाएगी। इसके लिए बाकायदा व्यापार मंडलों और सामाजिक संस्थाओं से बाजारों में रोशनी करने की भी अपील की जाएगी।

नगर निगम ग्रेटर मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर ने नगर निगम की सभी समितियों के पदाधिकारियों और निगम के अधिकारियों के साथ सोमवार को बैठक कर इसकी तैयारियों की रूपरेखा तय की। उन्होंने इसके लिए 2 जनवरी से विशेष सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। इसकी शुरुआत स्टेच्यू सर्किल से की जाएगी। नगर निगम ग्रेटर मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर  ने बताया कि सबसे पहले जयपुर के प्रमुख चौराहों पर लगे महापुरुषों के स्टेच्यू और उनके आसपास की सफाई करके उन्हें स्वच्छ और सुंदर किया जाएगा। इसके बाद 3 जनवरी से प्रमुख धार्मिक स्थलों और उनके आसपास के एरिया में विशेष सफाई अभियान शुरू किया जाएगा।

नगर निगम ग्रेटर मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर ने बताया कि पूरे जयपुर शहर में चलने वाले इस विशेष सफाई अभियान के लिए शहर के सभी व्यापार मंडलों, सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं से सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही व्यापार मंडलों और सामाजिक संगठनों से अपील की जाएगी कि वे अपने-अपने संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों पर 22 जनवरी के दिन विशेष रोशनी के जरिए सजावट करें।
नगर निगम ग्रेटर मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर  ने बताया कि रामलला के आने में अभी 21 दिन शेष है। ऐसे में शहर में विशेष अभियान चलाकर गली, मोहल्लों की भी सफाई की जाएगी। इसके साथ ही 22 जनवरी को सभी प्रमुख चौराहों पर रंगोली बनाई जाएगी और दीये जलाए जाएंगे। धार्मिक स्थलों और सरकारी भवनों पर भी दीये जलाकर उन्हें जगमग किया जाएगा।
नगर निगम ग्रेटर मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर ने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पर शहर में कुछ जगहों पर सुंदरकांड के पाठ भी करवाए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिरों में अन्य आयोजन और कुछ जगहों पर संगोष्ठियां भी करवाई जाएगी।


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