


जोधपुर जिले बिलाड़ा थाना क्षेत्र के लांबा गांव में शनिवार देर रात चोरों ने महिला की गला रेतकर हत्या कर दी। चोरी करते समय दोनों बदमाशों को महिला ने पहचान लिया, जिसके बाद आरोपियों ने चाकू से महिला, उसकी एक साल की बेटी और 12 साल की भतीजी का गला काट दिया। उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। वहीं दोनों बच्चियां अस्पताल में भर्ती हैं। घटना बिलाड़ा थाना क्षेत्र के लांबा गांव की है। परिवार के लोग गांव में एक शादी में गए थे। रात में साढ़े बारह बजे जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो घटना का पता चला।
महिला और दोनों बच्चियों को तत्काल बिलाड़ा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया और दोनों बच्चियों को उपचार के बाद जोधपुर रेफर कर दिया। महिला का शव बिड़ाला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने गांव के दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी घर जाकर सो गए थे। ग्रामीण एसपी धमेंद्रसिंह यादव ने बताया कि लाम्बा गांव निवासी महेंद्र का परिवार गांव में शादी में शामिल होने के लिए गया था। घर पर उसकी पत्नी 25वर्षीय अंजू , एक साल की बच्ची काव्या और उसकी भतीजी 12वर्षीय कुसुम थी।
शनिवार रात साढ़े दस बजे गांव के दो युवक अनिल और साहिल मकान चोरी करने घुसे। कमरे में सामान खंगाल रहे थे लगे तभी अंजू की नींद खुल गई। उसने ई मित्र संचालक अनिल को पहचान लिया। अंजू चिल्लाने लगी तो पोल खुलने के डर से दोनों ने चाकू से अंजू का गला रेत दिया। कुसुम ने आरोपियों को मर्डर करते देख लिया और छत पर चढ़कर बचाने के लिए आवाज लगाने लगी। आरोपी छत से कुसुम को पकड़ कर लाए और चाकू से गले पर वार किए। अंजू की 1 साल की बेटी पर भी चाकू से हमला किया। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।
कुसुम ने अपने छोटे दादा चैनाराम को फोन किया और बताया कि ई मित्र संचालक अनिल और साहिल ने चाची उनकी बेटी काव्या और मेरे ऊपर चाकू से हमला कर दिया है। चैनाराम तत्काल अन्य परिजन के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अंजू की सास और अन्य परिजन भी घर पहुंच गए। तीनों घायलों को लेकरतत्काल बिलाड़ा के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने अंजू को मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चियों को भर्ती कर लिया। सुबह दोनों बच्चियों को जोधपुर रेफर कर दिया। मथुरादास माथुर अस्पताल में बच्चियों को भर्ती करवाया गया है। सूचना पर पुलिस और एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।
बदमाशों ने वारदात से पहले रेकी की थी। आरोपी अनिल ने शाम को अंजू की सास शम्मू देवी को कॉल कर पेंशन चालू करने के लिए डॉक्यूमेंट मांगे थे। शम्मू ने कहा कि वह शादी में आई हुई है। युवक को यकीन हो गया कि घर में कोई नहीं है। इसलिए लूट करना आसान रहेगा और किसी को पता नहीं चलेगा।
महिला अंजू का पति महेंद्र ड्राइवर है और ट्रक चलाता है। शादी में शामिल होने के लिए सास ने अंजू को भी साथ चलने के लिए बोला था, लेकिन उसने यह कहकर मना कर दिया था कि उसकी बेटी एक साल की है। सर्दी का मौसम है, इसलिए आप चली जाइए। अंजू की सास घर के बाहर गेट पर ताला लगाकर शादी मे शामिल होने के लिए चली गई। घर में बहू अकेली नहीं रहे, इसके लिए कुसुम को भी चाची के पास सुला दिया था