Saturday, 29 August 2026

गीता दुनिया का पवित्र ग्रंथ,गीता को जीवन मे आत्मसात की जरूरत: डीडी सिंह


 गीता दुनिया का पवित्र ग्रंथ,गीता को जीवन मे आत्मसात की जरूरत: डीडी सिंह

रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ सांगानेर के सहविभाग संघ चालक डीडी सिंह ने कहा कि गीता दुनिया का सबसे पवित्र ग्रन्थ है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को सबसे पहले गीता का ज्ञान दिया। जिसको सिर्फ पढ़ने की नही बल्कि जीवन मे आत्मसात किए जाने की आवश्यकता है।

पूर्व आईपीएस अधिकारी डीडी सिंह ने शुक्रवार को गीता मंदिर टोंक में गीता मंदिर समिति टोंक की तरफ से आयोजित गीता जयंती समारोह,होम्योपैथी चिकित्सा एवं रक्तदान केम्प एवं भामाशाह सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि दुनिया के बदलते परिवेश के लिए आज गीता के उपदेश को जन -जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है ताकि विश्व कल्याण की संकल्पना साकार हो सकें। 

उन्होंने कहा गीता सिर्फ हिन्दू धर्म ही नही बल्कि मानवता के लिए उपयोगी हैं जिसमें स्वंय भगवान ने कर्म के सिद्वान्त की व्याख्या की हैं। उन्होंने देश की वर्तमान हालातों की चर्चा करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की तरफ अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने,अयोध्या में श्री राममंदिर निर्माण को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि आज दुनिया भारत का लोहा मानने लगा है।

विशिष्ट अतिथि रामलाल बैरवा ने कहा कि समाज को संगठित किए जाने के लिए सभी को सामाजिक सेवा कार्यो से जोड़ना होगा। गीता मंदिर समिति टोंक के अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने गीता मंदिर समिति के कार्यो की जानकारी दी। गीता मंदिर समिति टोंक की तरफ से शुक्रवार को गीता मंदिर में गीता जयंती समारोह में होम्योपैथी चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।शिविर में युवकों ने 20यूनिट रक्तदान किया। साथ ही अतिथियों ने गीता मन्दिर समिति टोंक की तरफ संचालित विभिन्न प्रकल्पों का लोकर्पण भी किया। समारोह में गीता मंदिर समिति टोंक के मंत्री गोविंद,सेंट सोल्जर शिक्षा समिति के निदेशक बाबूलाल शर्मा,भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं टोंक के पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता,देवली-उनियारा के पूर्व विधायक राजेन्द्र गुर्जर,निपुण सक्सेना,दिनेश बुन्देल,महेंद्र विजय,पूरण कुशवाह,खेमराज मीणा,शैलेन्द्र शर्मा,संजय श्रृंगी आदि मौजूद थे।

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