Saturday, 29 August 2026

इंडिया गठबंधन के आह्वान पर कांग्रेस और सहयोगी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं नेविपक्षी सांसदों के निलंबन के खिलाफ किया प्रदर्शन


इंडिया गठबंधन के आह्वान पर कांग्रेस और सहयोगी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं नेविपक्षी सांसदों के निलंबन के खिलाफ किया प्रदर्शन

संसद में हुई सुरक्षा की चूक को लेकर विपक्षी सांसदों द्वारा केन्द्र सरकार और गृह मंत्री से संसद में वक्तव्य की मांग करने पर विपक्षी सांसदों के निलम्बन करने के विरोध में कांग्रेस पार्टी और इण्डिया गठबंधन के दलों द्वारा शुक्रवार को प्रजातंत्र बचाओ दिवस मनाते हुए देश भर में विरोध-प्रदर्शन किए गए।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा इण्डिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया गया। डोटासरा जयपुर में शहीद स्मारक पर आयोजित धरने-प्रदर्शन में शामिल रहे।

कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जनता ने चुनकर जिन लोगों को सत्ता सौंपी है उन लोगों ने संसद के चुने हुये जनप्रतिनिधियों को केवल इसलिये संसद से निलम्बित कर दिया कि संसद की सुरक्षा पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर ना देना पड़े। उन्होंने कहा कि विपक्ष के चुने हुये जनप्रतिनिधि केवल संसद में हुई सुरक्षा की चूक की जानकारी प्राप्त करना चाहते थे तथा जानना चाहते थे कि आगे इस प्रकार की चूक नहीं हो उसके लिए सत्ताधारी भाजपा की केन्द्र सरकार क्या कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि लम्बे समय से कहा जा रहा है कि देश में गुजरात मॉडल लागू होगा, किन्तु गुजरात मॉडल में दो चीजें प्रमुख है कि भाई को भाई से लड़ाओ, हिन्दू-मुस्लिम के आधार पर वोट मांगकर देश पर राज करो और दूसरा यदि कोई असहमति दर्शाये, अपनी बात रखे तो उसे विधानसभा अथवा संसद से बाहर निकाल दो। उन्होंने कहा कि यदि कोई सडक़ पर आवाज उठाए तो उसके विरूद्ध संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग करते हुए कार्यवाही की जाती है, व्यापारी यदि अन्य दल को चंदा दे दे तो इनकम टैक्स और ईडी उस व्यापारी पर कार्यवाही करने के लिए भेज दी जाती है।

 उन्होंने कहा कि इस गुजरात मॉडल ने देश को बर्बाद कर दिया और दिल्ली में एक तानाशाह सरकार काबिज हो गई है। उन्होंने कहा कि इण्डिया गठबंधन के जनप्रतिनिधि सही बात सदन में रखते हैं तो उन्हें सैकण्डों में निलम्बित कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा एवं राज्यसभा के सभापति राजस्थान प्रदेश से बने तो सभी को गर्व की अनुभूति हुई थी। उन्होंने कहा कि हमने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनका स्वागत किया, किन्तु आज देश के लोगों की आवाज सदन में उठे, उनकी समस्याओं का समाधान हो, इस ओर कार्य करने की बजाए लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत कार्य करते हुये शर्मसार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में यह चर्चा हो रही है कि दुनिया के सबसे मजबूत लोकतंत्र में लोकतांत्रिक व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही है, सत्ताधारी दल सांसदों को निलम्बित कर विपक्ष से तथ्य साझा किये बगैर अनेक बिल पास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन बिलों में क्या है इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है, कोई चर्चा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल यह मुद्दा बना रहा है कि उनसे सवाल कैसे पूछ लिया तथा केन्द्र सरकार से सुरक्षा की मांग कैसे कर ली, केवल इसी छोटे-छोटे मुद्दों पर देश के 148 सांसदों को निलम्बित करने का अलोकतांत्रिक कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर से बाहर निकालने से बड़ी शर्म की बात कोई नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र सरकार के रवैये से यह इंगित हो रहा है कि आने वाले समय में चुनाव भी नहीं होंगे तथा जनता का कोई प्रतिनिधि संसद अथवा विधानसभा में नहीं पहुॅंच सकेगा। उन्होंने कहा कि आज हर कोई भयग्रस्त है, सत्ताधारी दल को सदन के बाहर धरना दे रहे सांसदों से भी परेशानी है जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत् भाजपा की केन्द्र सरकार को विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को बुलाकर बात करनी चाहिये थी व सर्वदलीय बैठक में चर्चा होनी चाहिए थी, उसी के पश्चात् जो नए बिल एवं कानून भाजपा सरकार ने विपक्ष की अनुपस्थिति में पारित किये हैं उनकी सार्थकता एवं स्वीकार्यता जनता में होती।

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि धरने को प्रमुख रूप से विधायक विद्याधर चौधरी, रफीक खान, प्रशांत सहदेव शर्मा, डॉ. शिखा मील बराला, पूर्व विधायक श्रीमती गंगा देवी वर्मा, श्रीमती नसीम अख्तर इंसाफ, सीपीआईएम के अमरा राम सहित कांग्रेस एवं इण्डिया गठबंधन के घटक दलों के अनेक नेताओं ने सम्बोधित किया।

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