


कर्मचारी चयन बोर्ड ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयनित होने वाले 58 अभ्यर्थियों के फर्जी खेल प्रमाण पत्र मिलने पर उन्हें आजीवन प्रतियोगी परीक्षा में प्रतिबन्ध करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए फर्जी प्रमाण पत्र मिलने वाले अभ्यर्थियों को 10 दिन में स्पष्टीकरण देने का समय दिया है। इसके बाद बोर्ड द्वारा फर्जी अभ्यर्थियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 48 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रियाधीन है। इनमें से लेवल-1 में 32 और लेवल- 2 में 26 अभ्यर्थियों ने फर्जी खेल प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने की कोशिश की थी। जिन्हें बोर्ड ने क्रॉस वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ लिया। इसके बाद बोर्ड द्वारा अब इन 58 अभ्यर्थियों को आजीवन प्रतियोगी परीक्षा में बैन करने के साथ ही इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में अगर फर्जी प्रमाण पत्रलगाने वाले 58 अभ्यर्थी 31 दिसंबर तक बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष और दस्तावेज रख उन्हें स्पष्टीकरण नहीं दे पाए। सभी के खिलाफ कानूनी करवाई भी की जाएगी।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव संजय माथुर ने बताया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने खेल कोटे का फायदा लेने के लिए प्रमाण पत्र लगाए थे। इनमें काफी अभ्यर्थी ऐसे थे। जिन्होंने आवेदन की अंतिम तिथि से 2 दिन पहले के ही प्रमाण पत्र लगा दिए। इनकी जांच में वह पूरी तरह से गलत पाए गए हैं। इसके बाद बोर्ड द्वारा लेवल - 1 और लेवल - 2 के कुल 58 अभ्यर्थियों को चिह्नित कर उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। अगर निर्धारित वक्त में अभ्यर्थियों ने अपना पक्ष नहीं रखा। तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।