


खोले के हनुमानजी मंदिर में रविवार 17 नवंबर को 63वां लक्खी अन्नकूट महोत्सव का आयोजन है। रविवारको दोपहर से ही शहर अन्नकूट प्रसादी का कार्यक्रम शुरू हो गया है और देर रात तक अन्नकूट प्रसादी पाने के लिए लोगों की पतंगें जारी रही। जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा ने खोल के हनुमान जी के दर्शन किए और प्रसादी पाई।
खोले के हनुमानजी मंदिर परिसर में प्रसादी के लिए 13 खंड बनाए गए है, जहां करीब साढ़े 11 घंटे तक पंगत में बैठ 1.50 लाख लोगों ने अन्नकूट प्रसादी ग्रहण की। व करीब 4 हजार से अधिक सेवादार प्रसादी वितरण करने में सहयोग किया।
अन्नकूट प्रसादी में इस बार 18.80 टन सामग्री से अन्न्कूट प्रसादी तैयार की गई। वहीं 10.5 टन सामग्री से छप्पन भोग प्रसादी तैयार हुई है। अन्नकूट में मूंग, चौला, बाजरा, चावल, गडमढ सब्जी, कढ़ी के साथ ही हलवा और भुजिए शामिल है।
खोले के हनुमानजी महाराज का अभिषेक कर चांदी की पोशाक धारण करवाई गई है। हनुमानजी महाराज का विशेष शृंगार किया गया था। हनुमानजी महाराज के फल-सब्जियों की झांकी सजाई गई । वहीं आनंदेश्वर महादेव में विभिन्न फलों की झांकी, सियाराम महाराज के छप्पन भोग की झांकी, गणेशजी के लड्डुओं की झांकी, द्वादश ज्योतिर्लिंगेश्वर के भेंट द्वारिका की झांकी, माता अन्नपूर्णा के फूल बंगला की झांकी, गायत्री माता के फूलों की झांकी, माता वैष्णो देवी मंदिर में विशेष श्रृंगार किया है।
श्रीनरवर आश्रम सेवा समिति के (प्रन्यास) के अध्यक्ष गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि हनुमानजी महाराज के सुबह 11.30 बजे अन्नकूट प्रसादी का भोग, महाआरती और संत-महंतों का सम्मान का आयोजन किया गया है। इस बार प्रसादी वितरण 13 खंडों में प्रसादी वितरण की व्यवस्था की गई है। हर बार 10 खंडों में प्रसादी वितरण होता है। प्रसादी वितरण दोपहर 12.30 बजे से शुरू हो गई जो रात 11 बजे तक श्रद्धालुओं का के प्रसादी लेने सिलसिला जारी रहा। इसमें सर्वजाति, सभी धर्म के लोग पंगत में बैठकर अन्नकूट प्रसादी ग्रहण करते नजर आए ।
समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि पंगत प्रसादी वितरण से पहले लक्ष्मण डूंगरी के खोले में विराजे रामजी, हनुमानजी, अन्नपूर्णा, गायत्री व वैष्णो माता, द्वादश ज्योर्तिलिंग सहित बंध की घाटी से लेकर चार दरवाजा तक करीब तीन किलोमीटर के सभी देवालयों में 56 व्यंजनों का भोग लगाया गया।