


टोंक जिले के मिनी पुष्कर ऐतिहासिक माण्डकला मेले में कृषि विभाग की तरफ से कृषि प्रदर्शनी का जिला प्रमुख सरोज बंसल ने रविवार को फीता काट करके उद्घाटन किया।जिला प्रमुख सरोज बंसल ने कहा कि माण्डकला जिले का प्रमुख ऐतिहासिक मेला है जिसमें हजारों किसान शामिल होते है। कृषि प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि किसानो को कृषि विभाग की योजनाओं की मिल सकेगी।
जिला प्रमुख सरोज बंसल ने कहा कि किसान कृषि की नई तकनीक अपनाऐं, वैज्ञानिको की ओर से किऐ जा रहे नवाचारो के माध्यम सें कम लागत में अधिक उत्पादन वाली फसले पैदा करके अपनी आय बढ़ाएं।
मृदा में अंधाधुन्ध उर्वरक एवं कीटनाशी का उपयोग करने से बचने की सलाह देते हुए जिला प्रमुख ने कहा कि मृदा प्रयोगशाला में वैज्ञानिको की तरफ से की गई सिफारिश के अनुसार ही उर्वरक खेतो में प्रयोग करे एवं मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जैविक खेती को अपनाएं एवं मृदा को दूषित होने बचाने का प्रयास करे।
पूर्व जिला परिषद सदस्य नरेश बंसल ने कहा कि केन्द्र सरकार की योजनाऐं अन्तिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे इस तरह का प्रयास होना चाहिए । इफको के उपमहाप्रबन्धक अजय गुप्ता ने कहा कि नैनो तकनीक का प्रयोग कृषि में किया जाने लगा है ,जिसके तहत नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उत्पाद बाजार में आने लगे है। इन उत्पादों का वैज्ञानिको द्वारा दी गई तकनीक के आधार पर उपयोग में लेने से फसलो के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी।
संयुक्त निदेशक केके मंगल ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा वर्तमान में फार्म पौण्ड,सिचाई पाइपलाइन ,फव्वारा संयन्त्र,फलो के बाग की स्थापना,सौर ऊर्जा,प्याज भण्डारण की योजनाओ का ऑनलाइन करके अधिक से अधिक लाभ उठा सकते हैं। संयुक्त निदेशक मंगल ने कहा कि कृषि विभाग की सभी योजनाएँ ऑन लाइन है एवं पारदर्शिता से वरीयता या लॉटरी के माध्यम कृषको का चयन कर लाभान्वित किया जाता है। सहायक निदेशक बाबूलाल यादव ने संतुलित उर्वरक प्रबन्धन, कृषि अधिकारी कौशल कुमार सोमाणी ने बीजोपचार,कृषि कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने तारबन्दी योजना की जानकारी दी।