


कार्यवाहक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक सिक्योरिटी अलर्ट के चलते सुरक्षा देने के लिए अस्थाई तौर पर जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। लेकिन भविष्य में इस सुरक्षा व्यवस्था का अन्तिम निर्णय नवगठित सरकार पर छोड़ा है। आदेश में लिखा है कि सुरक्षा व्यवस्था जारी रखने का निर्णय कमेटी करेगी। कमेटी में यह मामला सरकार के गठन के बाद ही भेजा जाएगा।
मतगणना के बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक सिक्योरिटी अलर्ट मिलने की बात कही गई है। इस आधार पर उन्हें जेड श्रेणी सुरक्षा का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय से गृह विभाग के भेजा गया। विभाग की इजाजत के बाद अस्थाई रूप से जेड श्रेणी सुरक्षा का आदेश हुए हैं। इसमें दो-आठ की गार्ड के साथ एस्कॉर्ट की सुविधा भी मिलती है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री गहलोत को यह सुविधा आगे भी मिलती रहेगी या नहीं यह नवगठित सरकार तय करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री को नियमों के मुताबिक यह सुरक्षा नहीं मिलती है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल को जेड-प्लस सुरक्षा दी जाती है। इसमें करीब 58 पुलिसकर्मी तैनात होते हैं। वहीं जेड प्लस श्रेणी में करीब पच्चीस जवान तैनात होते हैं।