Saturday, 29 August 2026

भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चिकित्सकों की टीम ने 28 सेमी और 73 किलों वजनी ट्यूमर निकाल रोगी को किया स्वस्थ


भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चिकित्सकों की टीम ने 28 सेमी और 73 किलों वजनी ट्यूमर निकाल रोगी को किया स्वस्थ

भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चिकित्सकों की टीम की ओर से 61 वर्षीय महिला की सर्जरी कर पेट से 28 से.मी. बड़ी और 7.3 किलो वजनी गांठ निकाली गई। डॉ. प्रशांत शर्मा और डॉ. आकांक्षा दत्त की टीम की ओर से की गई यह सर्जरी, गांठ के आकार और वजन की वजह से काफी चुनौतीपूर्ण थी। तीन घंटे चली इस सर्जरी के बाद रोगी पूर्ण रूप से स्वस्थ है और ऑपरेशन के दूसरे दिन से रोगी चलने में सक्षम हो पाया है।

सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत शर्मा ने बताया कि महिला को पिछले 6 माह से बार-बार बुखार आना और भूख नहीं लगने की परेषानी थी। महिला ने पहले अपने गृह जिले चितौड़ और फिर उदयपुर में दिखाया। उसके बाद कुछ दिन पूर्व महिला भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल पहुंची। जांच के बाद महिला का ऑपरेशन कर उसके पेट से गांठ को निकाला गया। डॉ. शर्मा ने बताया कि आमतौर पर ऑपरेट होने वाले ट्यूमर का साइज 2 से 8 सेमी का होता है। 

ट्यूमर का आकार और वजन के कारण रोगी के ऑपरेशन के दौरान कई चुनौतियां थी, जिसमें सबसे बड़ी चुनौती थी ट्यूमर को फटने से बचाना। टीम में मौजूद कुशल एनिस्थियोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की वजह से यह ऑपरेशन सफल हो पाया।

मोटे पेट को नजर अंदाज करना गलत

डॉ प्रशांत शर्मा ने बताया कि गलत जीवनशैली और खान-पान के कारण पेट का निचले हिस्से का आकार उम्र के साथ तेजी से बढता है। खासतौर से महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखा जाता है। यही कारण है कि पेट में बढ़ता ट्यूमर भी रोगी और उसके परिवार के सदस्यों को मोटापा लगता हैै। 40 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह से हर वर्ष बॉडी चैकअप होना चाहिए। जिससे शरीर में किसी भी तरह की बीमारी को बढ़ने से पहले ही पहचाना जा सके।

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