Saturday, 29 August 2026

चन्द्रभागा कार्तिक मेले में भंडारे की दूषित भोजन प्रसादी खाने से 42 बच्चों की तबीयत खराब, एक मासूम बालिका की मौत,जिला प्रशासन लापरवाही, पूर्व सीएम राजे है क्षेत्र


चन्द्रभागा कार्तिक मेले में भंडारे की दूषित भोजन प्रसादी खाने से 42 बच्चों की तबीयत खराब, एक मासूम बालिका की मौत,जिला प्रशासन लापरवाही, पूर्व सीएम राजे है क्षेत्र

झालरापाटन में चल रहे चन्द्रभागा कार्तिक मेले में भंडारे की दूषित भोजन प्रसादी खाने से 42 बच्चों की तबीयत खराब हो गई और उन्हें झालावाड़ के राजकीय हीरा कंवर बा जनाना चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 7 वर्षीय  एक मासूम बालिका तनवी कश्यप पुत्री अजय कश्यप की मंगलवार को फूड पॉइजनिंग के चलते मौत हो गई। इस घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गयाऔर आनंद-फानन में मेले में दूसरी सामग्री बेचने वालों का सैंपलसीएमएचओ के निर्देश पर लिया गया है। 

कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर बच्चे अपने परिवार जनों के साथ झालरापाटन में चल रहे चन्द्रभागा कार्तिक मेले में गए थे।वहां भोजन प्रसादी लेने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी और उन्हें उन्हें झालावाड़ के राजकीय हीरा कंवर बा जनाना चिकित्सालय में सोमवार को उल्टी दस्त की शिकायत पर लगभग 42 बच्चों को भर्ती किया गया था। इनमें से एक सात वर्षीय बालिका की मंगलवार को मौत हो गई।  ऐसा माना जा रहा हैं कि इन बच्चों ने कहीं दूषित खाद्य खाद्य सामग्री और पेय पदार्थ का सेवन कर लिया। कुछ परिवार जनों का आरोप है कि दूषित भोजन प्रसादी खाने से बच्चों की खराब हुई है।

विधानसभा के चुनाव के चलते जिला प्रशासन द्वारा मेले में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण दूषित खाद्य सामग्री खुलेआम बिक रही थीऔर उसका सेवन करने से भी कुछ बच्चों की तबीयत खराब हुई है।

राजकीय हीरा कंवर बा जनाना चिकित्सालय चिकित्सकों ने बताया कि भर्ती बच्चों में कई बच्चे ऐसे है, जिन्होने मेले में कुछ नहीं खाया लेकिन या तो पानी पिया या नदी के पानी से हाथ मुहं धोए है। कुछ बच्चों ने भंडारे का प्रसाद भी खाया है। इन बच्चों की उम्र 5 से 15 साल तक हैं।

42 बच्चे हुए भर्ती

राजकीय जनाना चिकित्सालय में करीब 42  बच्चे भर्ती हुए है। चिकित्सालय में हर एक घंटे में दो- से तीन बच्चे उल्टी दस्त की शिकायत के साथ पहुंच रहे हैं। सात वर्षीय बालिका तनवी कश्यप पुत्री अजय कश्यप की उल्टी-दस्त के बाद मौत हो गई । मृतका के पिता अजय ने बताया कि बालिका को मंगलवार को उल्टी-दस्त हुई थी,दिन में डॉक्टर को दिखा लिया था। बालिका अच्छी थी, शाम के समय फिर उसे उल्टी-दस्त हुई। उसे चिकित्सालय लेकर गए, जहां हालात खराब हुई और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। बालिका ने मेले में सिंघाड़ा खाया था।

सीएमएचओ डॉ. जीएम सैयद ने बताया कि मंगलवार को चन्द्रभागा कार्तिक पूर्णिमा पर बच्चे स्नान करने गए थे। बच्चों ने वहां लगे नलकूप से पानी पीया एवं मेले में चल रहे बालाजी मन्दिर के भण्डारे में प्रसादी ग्रहण की। कुछ बच्चों ने पानी पताशे भी खाए थे। इसके बाद तबीयत बिगड़ गई। कोई भी बच्चा गम्भीर स्थिति में नहीं है। बच्चों का मेडिकल टीम द्वारा इलाज किया जा रहा है। भर्ती बच्चों के कुल 5 स्टूल सैम्पल लेकर जांच के लिए वीआरडीएल लैब भिजवाए गए। परिजनों द्वारा बताए जलस्रोतों से 7 सैम्पल लिए गए, जिसमें से 4 सैम्पल नदी के घाटों के व एक सैम्पल ट्यूबवैल एवं 2 सैम्पल हैंडपम्प से लिए हैं। इन्हें जांच के लिए पीएचईडी लैब भेजा गया है। मेला कमेटी की बैठक बुलाकर सभी को साफ-सफाई व ताजा खाद्य पदार्थ रखने के लिए निर्देशित किया गया है। हर दो घंटे में एनाउंस करवाया जा रहा है।

कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ी थी भीड़

जिले के सबसे बडे चन्द्रभागा मेले में कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऐतिहासिक चन्द्रभागा नदी में स्नान करने आए थे। परिजनों के साथ कई बच्चे व कार्तिक स्नान करने वाली बालिकाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचती है। यहां कई बच्चे डायरिया के शिकार हुए हैं।

पीआईसीयू में भर्ती

झालावाड़ अस्पताल के शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौतम नागौरी ने बताया कि जनाना अस्पताल में करीब 42 बच्चे फूड पॉइजनिंग के आए हैं। इनमें से 16 बच्चे पीआईसीयू, 6 बच्चे वार्ड में और 3 बच्चे इमरजेंसी में भर्ती हैं। ये सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।उन्होंने बताया कि चंद्रभागा कार्तिक मेले में मंगलवार को भंडारे में प्रसाद खाने के बाद करीब दो दर्जन से अधिक बच्चे उल्टी दस्त के शिकार हो गए। अभी बच्चों की संख्या बढ़ सकती हैं।

उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके पुत्र दुष्यंत सिंह के लोकसभा क्षेत्र की घटना है।

Previous
Next

Related Posts