Saturday, 29 August 2026

ईस्टर्न कैनाल को लेकर जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया सवाल और कहां बताओ हकीकत


ईस्टर्न कैनाल को लेकर जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया सवाल और कहां बताओ हकीकत

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को जयपुर में चुनाव प्रचार के लिए आए हैं और प्रधानमंत्री झूठ योजना के अन्तर्गत कुछ और भी झूठ बोलेंगे। उन्होंने कहा कि एक हकीकत की जानकारी आज प्रस्तुत की जा रही है क्योंकि इस विषय पर बार-बार एक झूठ प्रधानमंत्री द्वारा बोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 जुलाई, 2018 को जयपुर में ही राष्ट्रीय परियोजना बनाने का वादा प्रदेश की जनता से किया गया था। उन्होंने कहा कि इसका तात्पर्य यह है कि 90 प्रतिशत लागत केन्द्र सरकार वहन करेगा। 

जयराम रमेश ने कहा कि 6 अक्टूबर, 2018 को प्रधानमंत्री ने इस वादे को पुन: अजमेर में दोहराया। उन्होंने कहा कि 2018 के अंत में कांग्रेस की सरकार आई, तब मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने पहला खत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को 3 जुलाई, 2020 को लिखा और लिखा कि आपसे आग्रह है कि राजस्थान की पूर्वी राजस्थान परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का श्रम करें जिससे 13 जिलों की जनता को इस योजना से लाभान्वित किया जा सके। 

उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत ने दूसरा खत 30 जुलाई, 2020 को लिखा, तीसरा खत 26 अक्टूबर, 2020 को, चौथा खत 27 जनवरी, 2021 को, पांचवा खत इसी विषय पर 12 मार्च, 2021 तथा छठा खत प्रधानमंत्री को 25 जून, 2021 को लिखा, इस प्रकार छ: बार सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूर्वी राजस्थान परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का आग्रह किया, लेकिन प्रधानमंत्री चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं क्योंकि इस पर वे निर्णय नहीं लेना चाहते हैं, इससे व्यथित होकर राजस्थान की सरकार ने 2022-2023 के बजट में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को आगे बढ़ाने हेतु 9600 करोड़ का बजट प्रावधान किया तथा 2023-2024 के बजट में 13 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया, कुल मिलाकर यह अनुमान किया गया कि वर्ष 2014 के मूल्यों के अनुसार इस परियोजना के लिये 40 हजार करोड़ रूपये आवश्यक है। 

उन्होंने कहा कि इस लागत में से राज्य सरकार ने अब तक 23 हजार करोड़ खर्चके लिए प्रावधान किया लेकिन प्रधानमंत्री इस परियोजना पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं तथा केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री जो राजस्थान से ही हैं उन्होंने भी इस पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी और इस परियोजना की वकालत भी नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब बोल रहे हैं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कभी इस परियोजना की मुझसे मांग नहीं की और ना ही दबाव बनाया, जबकि पत्र लिखकर अनेक दफा राजस्थान के मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की मांग रखी है।

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