


वेदांत के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि छठ पूजा हिंदुस्तान का दिल है। यह चार दिन का त्योहार सभी को आस्था और परंपरा की सुंदर एकता में लाता है। पहले दिन 'नहाय-खाय' से लेकर अंतिम दिन 'उषा अर्घ्य' तक, इस त्योहार से जुड़ा हर दिन, हर रीति-रिवाज मेरे लिए खास है।
उन्होंने कहा कि बिहार में अपना बचपन और अर्ली यूथ बिताने की वजह से .. इस त्योहार की खुशी हमेशा मेरे दिल के करीब रही है। बिहार की गलियाँ जगमगा उठती हैं, और हर घर में छठ की तैयारियाँ होती हैं। तीसरा दिन, 'संध्या अर्घ्य'.. मेरा फेवरिट है। अपने परिवार के साथ बांस घाट जाने की खुशी को मैं बहुत मिस करता हूँ। परिवार वाले पूजा की तैयारी में व्यस्त रहते और हम बच्चों की टोली उनकी हेल्प करने के लिए वही मंडराती रहती।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि घाटों पर हँसी और भक्ति से भरा माहौल होता है। माता.. बहनों.. बेटियों को सूर्य देव को अर्घ्य देते हुए देखकर लगता था ईश्वर सामने ही खड़े हैं..
सुबह-सुबह, चौथे दिन, सूर्य की पहली किरणें देखना जादुई होता है। और फिर, माँ जी के 'ठेकुआ' का स्वाद.. यह सिर्फ एक मिठाई नहीं है जो घर से आती है.. यह हमारी संस्कृति का एक टुकड़ा है।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि छठ सिर्फ एक त्योहार नहीं है.. यह हमारी रूट्स को याद करने का एक तरीका है.. हमारा बिहार.. हमारा गर्व। यह हमारी माताओं.. बहनों.. और बेटियों से मिले आशीर्वाद हैं जिन्होंने मुझे वह बनाया है जो मैं हूँ, जो बिहार को वह बनाते हैं जो वह है।
छठ पूजा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। सभी को समृद्धि और खुशियां मिले।
विद्याधर नगर से कांग्रेस के प्रत्याशी सीताराम अग्रवाल ने कहा कि शुक्रवार को विश्वकर्मा एसोसिएशन, VKI द्वारा सभा का आयोजन हुआ जिसमें संबोधन के लिए विशिष्ट आमंत्रण प्राप्त हुआ। आप सबके अपार स्नेह को मेरा प्रणाम। आप सभी अब इस संघर्ष को विजय का वरदान दे जिससे मैं विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र मे वास्तविक परिवर्तन ला सकूं।