


दौसा में शुक्रवार को सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने कॉन्स्टेबल की 5 साल की बच्ची के साथ रेप किया था। वारदात का खुलासा होते ही लोगों ने थाने में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। आरोपी ने थाना में ही खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था, लेकिन नाराज लोगों ने थाने का घेराव किया।
शुक्रवार दोपहर को जब पीड़ित के पिता शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और हाथ तोड़ दिया। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने देर रात आरोपी SI भूपेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया। उसे निलंबित कर दिया ।
दौसा में शुक्रवार को सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने कॉन्स्टेबल की 5 साल की बच्ची के साथ रेप किया था। वारदात का खुलासा होते ही लोगों ने थाने में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। आरोपी ने थाना में ही खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था, लेकिन नाराज लोगों ने थाने का घेराव किया।
शुक्रवार दोपहर को जब पीड़ित के पिता शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और हाथ तोड़ दिया। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने देर रात आरोपी SI भूपेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया। उसे निलंबित कर दिया । शुक्रवार देर रात बच्ची को दौसा जिला अस्पताल लाया गया। देर रात डॉक्टर्स के बोर्ड ने बच्ची का मेडिकल कराया।
शनिवार सुबह एएसपी और मामले के आईओ शंकर लाल मीणा, एफएसएल टीम को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। दोपहर 12 बजे पीड़ित बच्ची और उसके माता-पिता को एएसपी शंकर लाल मीणा 164 के बयान के लिए दौसा जिला मुख्यालय पर लेकर गए। दौसा में दोपहर 2 बजे पॉक्सो कोर्ट में 164 के बयान हुए। राहुवास अब शांति बनी हुई है। थाने में एएसपी रामचंद्र सिंह नेहरा, डीएसपी मानाराम, थानाधिकारी गोपाल शर्मा सहित आरएसी के जवान मौजूद हैं। आरोपी एसआई को दौसा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बच्ची के पिता ने कहा- 'शुक्रवार दोपहर मैं ड्यूटी से लौटकर अपने घर में सो रहा था। जयपुर में नाइट ड्यूटी कर अपने गांव लौटा था। घर में पत्नी और बच्ची थी। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान एएसआई छोटेलाल के रूम पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बच्ची को बहला-फुसलाकर रूम पर बुलाया और रेप किया। बच्ची रोते हुए अपनी मां के पास पहुंची और दरिंदगी के बारे में बताया। बच्ची ने मां को रोते हुए बताया कि अंकल (सब इंस्पेक्टर) ने उसे 50 रुपए दिए। मां ने बच्ची के कपड़े चेक किए तो रेप का पता चला। इसके बाद उसने पति को बताया। बच्ची का पिता शिकायत लेकर राहुवास थाने पहुंच गया। एएसआई छोटेलाल और कॉन्स्टेबल टीकाराम ने उसकी डंडे से पिटाई कर दी।
इस घटना के बाद इलाके में पुलिस के खिलाफ आक्रोश फैल गया। करीब 5 घंटे तक ग्रामीणों ने थाने को घेरे रखा। लोग थाने की छत पर चढ़ गए। पुलिस को अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। बड़ी संख्या में लोग राहुवास थाने के बाहर जुट गए और सब इंस्पेक्टर को दबोचकर उसकी पिटाई कर डाली। महिलाएं भी लाठी लेकर पिटाई करते नजर आईं।
लोगों ने गलियों में सब इंस्पेक्टर को हाथ पैर से पकड़कर घसीटा। पुलिस ने आरोपी को मशक्कत कर भीड़ से छुड़ाया और दौसा जिला अस्पताल ले गए।