


एक झूठ को सौ बार बोलो तो लोगों को सच लगने लगता है यह सोचकर भाजपा के नेता बार-बार झूठ बोलते हैं, किन्तु सवाल यह है कि देश में बढ़ती मंहगाई के लिए कभी कोई प्रदेश की सरकार जिम्मेदार हो सकती है क्या ?
मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में एआईसीसी के प्रवक्ता एवं एआईसीसी के राजस्थान मीडिया प्रभारी अतुल लोंढे पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि फसल की कमी की वजह से या बाजार में कमी की वजह से किसी वस्तु की कीमत बढऩे के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होती है या केन्द्र सरकार, इस प्रश्न का उत्तर भाजपा को देना चाहिए। जीएसटी लागू होने के पश्चात् एक्साईज और वैट को छोडक़र कोई ऐसा टैक्स नहीं बचा जो राज्य सरकार लगाती हों।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकारों द्वारा प्रस्तुत बजट का हिस्सा भी देखकर पता किया जा सकता है कि राज्य सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स पेट्रोल अथवा लीकर पर ही होता है, अन्य कोई टैक्स राज्य सरकारों के क्षेत्राधिकार में नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण जनता को लाभ मिलने की बजाए उद्योगपतियों को लाभ मिल रहा है तथा राजा फायदा उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि आयात-निर्यात का विषय केन्द्र सरकार है, राज्य सरकारों को आयात-निर्यात पॉलिसी बनाने का कोई अधिकार नहीं है, बारिश ज्यादा हुई तो प्याज का भण्डारण नहीं हो सकता, किन्तु आश्चर्य की बात है कि केन्द्रीय मंत्री राज्य सरकार पर आरोप लगाते हैं। देश में महाराष्ट्र में 60 प्रतिशत प्याज का उत्पादन होता है फिर भी वहॉं वर्तमान में 90 रूपये 110 रूपये तक प्रति किलोग्राम प्याज का भाव क्यों है? जबकि वह भाजपा शासित राज्य है।