


बीसलपुर बांध से किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने की मांग अब कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए मुसीबत बनती दिखाई दे रही है। हाल ही में नए जिले बनाने से टोंक जिले से अलग हुए टोडारायसिंह की 11ग्राम पंचायतों को छोड़ करके शेष ग्राम पंचायते केकड़ी जिले में शामिल हो गई। टोंक विधानसभा क्षेत्र की 11ग्राम पंचायतों के किसानों ने सोमवार को टोडारायसिंह में बीसलपुर बांध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया । पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के टोंक विधानसभा सीट से दूसरी पारी खेलने के लिए नामांकन दाखिल करने के एक दिन पहले ही किसानों की पानी नहीं तों वोट नहीं के नारों की टोडा रायसिंह उपखंड मुख्यालय पर गूंज सुनाई दी। इस सीट से कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट को फिर प्रत्याशी बनाया गया है। बीसलपुर बांध से नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के निर्णय को लेकर जिला प्रशासन को एक नबम्बर तक का समय दिया गया था अब 2 नवंबर को कृषि उपज मंडी समिति टोंक में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी जिसमें 256 गांवों के किसान शामिल होंगे।इससे पूर्व 25 अक्टूबर को बीसलपुर बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर किसानों ने जिला कलक्टर टोक को 7 दिवस का अल्टीमेटम दिया था जिसमे पानी नहीं तो वोट नहीं का नारा लिखा हुआ था। टोडारायसिंह में 11 पंचायतों से जुड़े प्रमुख रूप से किसान महापंचायत के प्रदेश मंत्री रतन खोखर, पूर्व सरपंच नाथू सिंह, बाबूलाल सरपंच बरवास ,राजेंद्र पारीक पूर्व सरपंच, रमेश जाट बिबोलवा, बजरंग लाल माली, शैतान माली उप सरपंच, हेमराज जाट अध्यक्ष, पन्नालाल जाट, छोटू लाल जाट टोडा अध्यक्ष, ओम प्रकाश , सीताराम , किशन लाल माली सरपंच, श्योराज गुर्जर अध्यक्ष, शैतान सिंह आदि ने किसान रैली निकाल प्रदर्शन किया।