Saturday, 29 August 2026

महंगाई राहत के नाम पर कांग्रेस सरकार ने जनता से किया धोखा,बिजली बिलो में फ्यूल सरचार्ज के नाम पर की 4 हजार करोड की वसूली: अर्जुनराम मेघवाल


महंगाई राहत के नाम पर कांग्रेस सरकार ने जनता से किया धोखा,बिजली बिलो में फ्यूल सरचार्ज के नाम पर की 4 हजार करोड की वसूली: अर्जुनराम मेघवाल

केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हर मोर्चे पर जनता के साथ धोखा किया है। राज्य सरकार के कुप्रबन्धन के कारण राजस्थान महंगाई को लेकर देश में सबसे उपरी पायदान पर आ गया है। 

उन्होंने कहा कि राजस्थान में महंगाई की दर पिछले एक साल से हर माह राष्ट्रीय औसत से अधिक बढ़ी है और प्रदेश सर्वाधिक महंगाई वाले राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष सितम्बर में देश में महंगाई दर जहां 5.02 प्रतिशत रही वहीं राजस्थान में यह महंगाई दर 6.53 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रही है। कमजोर आर्थिक प्रबन्धन के कारण खाद्य पदार्थ, पेट्रोल, डीजल की कीमतों को रोकने में राज्य सरकार पूरी तरह से विफल रही है। आज राजस्थान में पेट्रोल, डीजल पर सर्वाधिक वैट, सर्वाधिक मंडी टैक्स व सर्वाधिक महंगी बिजली के कारण जनता महंगाई की आग में झुलस रही है।  

केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि जनता को भ्रमित कर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने हर मोर्चे पर विफलता ही साबित की है। अब जनता कांग्रेस नेताओं के इस झूठे रवैये को समझ चुकी है। कांग्रेस सरकार ने पिछले दिनों महंगाई राहत कैंप का जो छलावा प्रदेशवासियों के साथ किया उससे यह स्पष्ट हो गया कि इनकी नीतियों, आर्थिक व वित्तीय प्रबंधन के कारण प्रदेश में महंगाई बढ़ी है। इसी की स्वीकार्यता को छुपाने के लिए राहत कैंप का ढोंग किया गया था। राज्य सरकार ने महंगी बिजली से राहत देने के लिए 100 यूनिट बिजली फ्री का ढोंग करके उपभोक्ताओं से जमकर फ्यूल सरचार्ज वसूला। पिछले चार वर्षों में इसी फ्यूल सरचार्ज के रूप में 1.35 करोड़ उपभोक्ताओं से 4 हजार करोड़ की वसूली की जा चुकी है।

केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि अगर वैश्विक परिदृश्य को देखा जाए तो आज अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी जैसे विकसित देशों में महंगाई की दर भारत से अधिक है। वर्तमान की ग्लोबल जियो पालिटिकल टेंशन, सप्लाई चेन डिसरप्शन व अन्य चुनौतियों के बावजूद भी देश में स्ट्रांग फंडामेंटल व सुदृढ़ वित्त प्रबंधन के चलते बैंक क्रेडिट में बढोतरी हुई है। कंस्ट्रकशन सेक्टर में एक्टिविटी बढ़ी है, प्राइवेट सेक्टर का कैपिटल फॉरमेशन भी बढ़ा है। इन्हीं नीतियों का परिणाम है कि देश विश्व की तीसरी बड़ी इकोनामी बनने की ओर तेज गति से अग्रसर है।


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