


विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में बगावत के सुर उठ गए हैं। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों के टिकट वितरण के बाद किशनगढ़ के युवा भाजपा नेता विकास चौधरी ने बगावत कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। वे भाजपा प्रत्याशी अजमेर के सांसद भागीरथ चौधरी के सामने कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में उतरने की संभावना है।
अजमेर नगर निगम के वार्ड 4 से भाजपा पार्षद ज्ञान सारस्वत ने अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वासुदेव देवनानी को प्रत्याशी बनाए जाने से मैं नाराज हूं ।भाजपा के नए को क्यों नहीं मौका देती है !भाजपा से टिकट मांगा गया लेकिन नहीं दिया गया तो निर्दलीय चुनाव लड़कर उन्हें हराएंगे।
सारस्वत ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत मेंकहा कि बीते 50 साल में अजमेर विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। भाजपा और कांग्रेस ने अजमेर के विकास को विशेष प्राथमिकता नहीं दी है।
कार्यकर्ताओं और जनता की आवाज पर उन्होंने अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। सारस्वत लगातार तीसरी बार पार्षद हैं। उन्होंने कहा कि उनका भाजपा प्रत्याशी देवनानी से व्यक्तिगत मतभेद नहीं है । कार्यकर्ताओं और शहरवासियों की आवाज पर उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया।
उल्लेखनीय है कि पाषर्द ज्ञान सारस्वत ने दूसरी बार पार्टी से बगावत की है। इससे पूर्व वर्ष 2016 में नगर परिषद चुनाव में उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़कर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी तुलसी सोनी को 2510 वोटों से हराया था। उसके बाद भाजपा ने उन्हे दो बार पार्षद का टिकट देकर दिया।
एक बार निर्दलीय और दो बार भाजपा से पार्षद रहे। सारस्वत ने रविवार को चुनाव लड़ने की ऐलान करने के साथ ही भाजपा प्रत्याशी वासुदेव देवानानी पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे जनप्रतिनिधि पानी की समस्या के लिए जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने की बजाय सदैव उदासीन रहे और उन्होंने जनता को केवल सपने ही दिखाते रहे। जबकि शहर पेयजल संकट से जूझ रहा है।
उत्तर विधानसभा क्षेत्र में तो कई जगह 108 घंटों में पानी आ रहा है। सड़कों की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। यही नहीं आनासागर झील के आसपास अतिक्रमण बढ़ रहे हैं। झील में लम्बे समय से जलकुंभी की समस्या है। उन्होंने पेयजल संकट और सड़क के लिए 17 बार आंदोलन किया। लेकिन पार्षद होने के नाते उनकी सीमाएं सीमित थी।
देवनानी इन समस्याओं का समाधान नहीं कर सके। पूरा शहर कह रहा है कि चेहरा बदलो। इसलिए उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान किया। सारस्वत ने चुनाव लड़ने की घोषणा तो कर ही दी है। साथ ही यह भी ऐलान किया है कि वह सोमवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
पार्षद ज्ञान सारस्वत प्रेसवार्ता में चुनाव लड़ने की घोषणा कर घर पहुंचे तो वार्डवासियों ने उनका स्वागत ढोल- ढमाके के साथ माला पहनाकर किया। घर पर उनके समर्थकों का पहले से ही जमावड़ा लगा था। सारस्वत ने कहा कि 4 नवम्बर को नामांकन दाखिल करेंगे।
घोषणा के साथ ही बना दबाव
पार्षद ज्ञान सारस्वत ने चुनाव लड़ने का निर्णय डेढ़ माह से उन समर्थकों द्वारा बनाए गए दबाव के कारण लिया है। रविवार शाम उन्होंने प्रेसवार्ता में जब चुनाव लड़ने की घोषणा तो उनके पास संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं के कॉल आए। लेकिन पाषर्द सारस्वत ने स्पष्ट कर दिया कि वह निर्दलीय अजमेर उत्तर विधानसभा से चुनाव लडेगे।